नए साल के पहले दिन भोपाल और उज्जैन में घना कोहरा छाया है। भोपाल में विजिबिलिटी 100 मीटर है। नवंबर-दिसंबर में रिकॉर्ड तोड़ने वाली ठंड जनवरी में भी जमकर असर दिखाएगी। मौसम विभाग की माने तो जनवरी में 20 से 22 दिन तक शीतलहर चल सकती है। हीं, उत्तरी हिस्से यानी, ग्वालियर, चंबल और उज्जैन संभाग के जिलों में कोल्ड-डे की स्थिति बनेगी। शुरुआती 3 दिन प्रदेश के आधे हिस्से में कोहरा रहेगा। कुछ जिलों में शीतलहर भी चलेगी। वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) की एक्टिविटी के चलते दिसंबर के आखिरी दिनों में बारिश और ओले का दौर रहा। भोपाल, इंदौर, जबलपुर, उज्जैन समेत 45 से अधिक जिलों में बारिश हुई। वहीं, 20 जिले ऐसे रहे, जहां ओले भी गिरे। बारिश का दौर खत्म होते ही ठंड का असर बढ़ गया। ऐसा मौसम जनवरी में पूरे महीने ही बना रहेगा। इससे पहले साल 2024 की आखिरी रात भी ठंडी रही। बर्फबारी की वजह से बढ़ेगी ठंड
जम्मू, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, लद्दाख में बर्फबारी हो रही है। आने वाले दिनों में बर्फ पिघलेगी। जिससे उत्तरी हवा चलेगी और मध्यप्रदेश में ठंड का असर बढ़ जाएगा। इस कारण जनवरी में प्रदेश का मौसम ठंडा ही रहेगा। अगले 3 दिन ऐसा रहेगा मौसम ग्वालियर-शाजापुर में घना कोहरा
इससे पहले मंगलवार सुबह प्रदेश के कई शहरों में कोहरा रहा। ग्वालियर और शाजापुर में विजिबिलिटी 200 से 500 मीटर तक रही। यानी, आधा किमी के बाद कुछ दिखाई नहीं दिया। भोपाल, दमोह, जबलपुर, सागर, राजगढ़ में 500 से एक हजार मीटर विजिबिलिटी दर्ज की गई। बाकी शहरों में 1 से 2 किमी तक दृश्यता रही। इधर, रात में सर्दी का असर भी बढ़ा है। भोपाल में पारा 9.6 डिग्री पर आ गया। जबलपुर में 9.5 डिग्री दर्ज किया गया। इंदौर में 14.3 डिग्री, ग्वालियर में 11.4 डिग्री और उज्जैन में 13 डिग्री रहा। मंगलवार रात राजगढ़ सबसे ठंडा
रात में राजगढ़ सबसे ठंडा रहा। यहां पारा 5.6 डिग्री दर्ज किया गया। मंडला में 6.7 डिग्री, टीकमगढ़ में 8.2 डिग्री, पचमढ़ी में 8.5 डिग्री, नरसिंहपुर में 8.8 डिग्री, नौगांव में 9 डिग्री, रायसेन में 9.1 डिग्री, गुना में 9.3 डिग्री, उमरिया में 9.6 डिग्री, मलाजखंड में 9.7 डिग्री दर्ज किया गया। रायसेन में 17 डिग्री रहा तापमान
प्रदेश के शहरों में अब रात के साथ दिन भी ठंडे हैं। मंगलवार को रायसेन में पारा 17 डिग्री पहुंच गया। भोपाल में 19.9 डिग्री दर्ज किया गया। मौसम विभाग के अनुसार, रीवा में 17.2 डिग्री, नौगांव में 17.4 डिग्री, ग्वालियर में 18.2 डिग्री, सतना में 18.9 डिग्री, टीकमगढ़ में 19 डिग्री, खजुराहो में 19.6 डिग्री, जबलपुर में 19.7 डिग्री, शिवपुरी-सीधी में 20 डिग्री, दमोह-सागर में 20.6 डिग्री, उमरिया में 21 डिग्री, गुना-नर्मदापुरम में 22.2 डिग्री और पचमढ़ी में तापमान 22.9 डिग्री दर्ज किया गया। नवंबर-दिसंबर में रिकॉर्ड तोड़ चुकी ठंड
इस बार कड़ाके की ठंड पड़ रही है। नवंबर-दिसंबर में ठंड रिकॉर्ड तोड़ चुकी है। नवंबर की बात करें तो भोपाल में तो 36 साल का रिकॉर्ड टूटा है। इंदौर, उज्जैन, जबलपुर और ग्वालियर में भी पारा सामान्य से 7 डिग्री तक नीचे रहा। वहीं, दिसंबर में भी ठंड ने रिकॉर्ड तोड़ा। स्थिति यह रही कि पूरे प्रदेश में जनवरी से भी ठंडा दिसंबर रहा। भोपाल समेत कई शहरों में ठंड ने रिकॉर्ड तोड़ दिए। 9 दिन से शीतलहर चली। भोपाल में दिसंबर की सर्दी ने 58 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर समेत कई जिलों में स्कूलों की टाइमिंग बदल दी गई है, जबकि भोपाल के वन विहार नेशनल पार्क में जानवरों को सर्दी से बचाने के लिए हीटर लगाए गए। भगवान को भी ठंड से बचाने के लिए जतन किए गए। MP के 5 बड़े शहरों में जनवरी में ऐसा रहा सर्दी का ट्रेंड… भोपाल में 0.6 डिग्री पहुंच चुका टेम्परेचर
भोपाल में जनवरी में कड़ाके की ठंड पड़ती है। वहीं, दिन में गर्मी का अहसास और बारिश का ट्रेंड भी है। 18 जनवरी 1935 को रात का टेम्परेचर रिकॉर्ड 0.6 डिग्री रहा था। वहीं, 26 जनवरी 2009 को दिन में तापमान 33 डिग्री दर्ज किया गया था।
पिछले 10 में से 7 साल बारिश हो चुकी है। 24 घंटे में सबसे ज्यादा 2 इंच बारिश 6 जनवरी 2004 को हुई थी। वहीं, सर्वाधिक मासिक 3.8 इंच बारिश जनवरी 1948 को हुई थी। इंदौर में -1.1 डिग्री पहुंच चुका पारा
इंदौर में जनवरी में सर्दी का रिकॉर्ड माइनस में पहुंच चुका है। 16 जनवरी 1935 में पारा माइनस 1.1 डिग्री दर्ज किया गया था। यह ओवर ऑल रिकॉर्ड है। वहीं, 27 जनवरी 1990 को दिन का तापमान 33.9 डिग्री रहा था। 24 घंटे में सर्वाधिक बारिश होने का रिकॉर्ड 6 जनवरी 1920 के नाम है। इस दिन 3 इंच से ज्यादा पानी गिरा था। वहीं, वर्ष 1920 में सर्वाधिक मासिक बारिश 4 इंच दर्ज की गई थी। इस बार भी कड़ाके की ठंड पड़ने का अलर्ट है। ऐसे में पिछले साल का टेम्परेचर का रिकॉर्ड टूट सकता है। जबलपुर में 1946 में 1.1 डिग्री पारा रहा था
जबलपुर में भी जनवरी में ठंड-बारिश का ट्रेंड है। इस महीने सबसे ज्यादा ठंड पड़ती है। 7 जनवरी 1946 को रात का पारा रिकॉर्ड 1.1 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया था। वहीं, दिन का उच्चतम तापमान 33.4 डिग्री 7 जनवरी 1973 को रहा था। इस महीने बारिश भी होती है। 24 घंटे में सर्वाधिक बारिश होने का रिकॉर्ड 24 जनवरी 1919 को 2.5 इंच हुई थी। इसी साल पूरे महीने 8 इंच से ज्यादा पानी गिरा था। इस बार मावठा गिरने का अनुमान है। उत्तरी हवा आने से ग्वालियर सबसे ठंडा
उत्तरी हवाओं की वजह से प्रदेश का ग्वालियर-चंबल सबसे ठंडा रहता है। जनवरी में यहां कड़ाके की ठंड का ट्रेंड है। पिछले 10 साल का रिकॉर्ड देखे तो 2018 में तापमान 1.9 डिग्री और 2019 में 2.4 डिग्री दर्ज किया गया था। 24 जनवरी 1954 को रात का तापमान माइनस 1.1 डिग्री रहा था। ग्वालियर में जनवरी में बारिश भी होती है। साल 2014 से 2024 के बीच 9 साल बारिश हो चुकी है। 24 घंटे में सर्वाधिक बारिश का रिकॉर्ड 8 जनवरी 1926 को है। इस दिन 2.1 इंच पानी गिरा था। वहीं, 1948 को कुल मासिक बारिश 3.1 इंच हुई थी। उज्जैन में जीरो डिग्री रह चुका पारा
उज्जैन में भी उत्तरी हवा का असर रहता है। इस वजह से यहां कड़ाके की ठंड पड़ती है। 22 जनवरी 1962 को पारा 0 डिग्री सेल्सियस रहा था। पिछले 10 साल में टेम्परेचर 2 से 5.8 डिग्री तक रह चुका है।
24 घंटे में सर्वाधिक बारिश होने का रिकॉर्ड 11 जनवरी 1987 के नाम है। इस दिन सवा इंच पानी गिरा था। वहीं, सर्वाधिक कुल मासिक 2.2 इंच 1994 को हुई थी।


