नए साल पर नर्सिंग कर्मियों ने खून से पत्र लिखे:1 हजार से ज्यादा कर्मचारियों ने आवाज की बुलंद, कहा- सरकार भर्ती विज्ञापन निकाले वरना आंदोलन होगा

नए साल के पहले दिन उदयपुर में संविदा और निविदा पर कार्यरत नर्सिंग कर्मियों ने अपने खून से मुख्यमंत्री और चिकित्सा मंत्री को पत्र लिखा। इस दौरान उन्होंने अपनी मांगो को लेकर जम कर नारेबाजी भी की। संविदा पर कार्यरत कर्मचारियों ने बताया कि वे बेहद कम मानदेय पर बीते 4 से 5 साल से अपनी सेवाएं दे रहे है। ऐसे में सरकार जल्द से जल्द नर्सिंग कर्मियों की भर्ती निकाले। जिससे उन्हें अनुभव के आधार पर प्रति वर्ष के 10 अंक बोनस कर रूप में दिए जाए। उदयपुर जिले के करीब 1 हजार संविदा नर्सिंग कर्मियों ने अपने खून से पत्र लिख। उन्होंने कहा कि अगर उनकी मांग को गम्भीरता से नही लिया गया तो वे आने वाले समय मे उग्र आन्दोलन करेंगे। RNT मेडिकल कॉलेज परिसर के गार्डन में नर्सेज और पैरामेडिकल कर्मचारियों ने मेरिट बोनस अंक 10, 20, 30 आधारित परमानेंट नर्सिंग भर्ती विज्ञापन जारी की मांग की गई। इसमें यूटीबी-संविदा-निविदा नर्सेज, आरएमआरएस और 108 एम्बुलेंस नर्सेज, एएनएम, पैरामेडिकल, फार्मासिस्ट आदि कई अस्थायी कर्मचारी बड़ी संख्या में शामिल हुए। जिलाध्यक्ष मुकेश कुमार डामोर ने बताया कि आज राजस्थान के पूरे 41 जिलों में खून से पोस्ट कार्ड भेजे जा रहे है। सरकार हमारे 1995 के नियम में संशोधन किए बना पूर्व की भांति मेरिट बोनस अंक 10,20,30 से भर्ती विज्ञापन जारी करे। इसमें नर्सेज के 12000 पद और पैरामेडिकल के 7000 पदों पर मेरिट एवं बोनस के आधार पर स्थायी भर्ती की मांग की। उन्होंने कहा कि प्रदेश के अधिकांश अस्पताल नर्सेज की भारी कमी से जूझ रहे हैं। इसका सीधा असर मरीजों की स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ रहा है, जबकि दूसरी ओर हजारों की संख्या में नर्सेज और पैरामेडिकल युवा बेरोजगार हैं। संविदा, निविदा और अस्थायी आधार पर कार्यरत नर्सेज कई वर्षों से अल्पवेतन में सेवाएं दे रहे हैं। उनके अनुभव को देखते हुए उनका स्थायीकरण अब अनिवार्य हो गया है। चिकित्सा विभाग में संविदा निविदा नर्सेज कई सरकारी योजनाओं में कार्यरत है। सरकार और चिकित्सा विभाग के ही कर्मचारी है ये सभी लगातार कार्य करने व सेवाएं देने से लंबे समय से पढ़ाई से दूर हैं, उन्हें हमेशा की तरह राजस्थान चिकित्सा नियम 1965 के तहत अनुभव, मेरिट, बोनस अंक 10,20,30 आधारित भर्ती विज्ञापन चाहिए जिससे सभी परमानेंट हों सकें। जब तक बजट घोषणा के अनुरूप धरातल पर स्थाई भर्ती प्रक्रिया शुरू नहीं होती, तब तक विरोध जारी रहेगा। यदि सरकार जल्द भर्ती विज्ञापन जारी नही करेगी तो जल्द जयपुर में अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया जाएगा।

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