राजगढ़ में खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने और मिलावटखोरी पर रोक लगाने के लिए बुधवार को कलेक्ट्रेट में बैठक आयोजित की गई। जिला स्तरीय खाद्य सुरक्षा सलाहकार समिति की बैठक कलेक्टर डॉ. गिरीश कुमार मिश्रा की अध्यक्षता में हुई। इस दौरान खाद्य सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई और कई अहम फैसले लिए गए। खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने बताया कि साल 2023-24 के दौरान जिले में 535 व्यापारियों को लाइसेंस और 1891 को रजिस्ट्रेशन प्रमाण पत्र जारी किए गए हैं। इसके अलावा नियमों का उल्लंघन करने वाले 34 व्यापारियों के लाइसेंस रद्द किए गए। हर दुकानदार के लिए लाइसेंस जरूरी
कलेक्टर ने साफ निर्देश दिए कि जिले के सभी दुकानदारों को शत-प्रतिशत लाइसेंस जारी किए जाएं। उन्होंने खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को निर्देशित किया कि स्कूलों और कॉलेजों में जागरूकता शिविर आयोजित किए जाएं, ताकि युवाओं और आम जनता को सुरक्षित और स्वच्छ खाद्य सामग्री के महत्व के बारे में बताया जा सके। नकली और मिलावटी दूध पर सख्त कार्रवाई
बैठक में कलेक्टर ने अधिकारियों को नकली और मिलावटी दूध की बढ़ती शिकायतों को गंभीरता लेने और तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मिलावटखोरी करने वालों की पहचान कर उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए और उन्हें कड़ी सजा दिलाई जाए। कलेक्टर ने कहा कि मिलावट मुक्त राजगढ़ बनाने के लिए यह अभियान एक जरूरी कदम है। खाद्य सुरक्षा को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह प्रतिबद्ध है और इसे जनहित के प्राथमिक उद्देश्य के रूप में लिया जाएगा। इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा और जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. किरण वाडिवा, खाद्य सुरक्षा अधिकारी शिवराज पावक और संबंधित विभागों के कई अधिकारी मौजूद रहे।


