चित्तौड़गढ़ शहर में नकली नोटों के साथ घूम रहे तीन युवकों को कोतवाली थाना पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। यह तीनों युवक पिछले कुछ दिनों से शहर में एक्टिव थे और खासतौर पर बड़ी सब्जी मंडी और आसपास के इलाकों में दुकानदारों से सामान खरीदने के बहाने नकली 500-500 के नोट चला रहे थे। इनमें से एक युवक को मंगलवार रात को लोगों ने रंगे हाथों पकड़ लिया गया, जब वह एक दुकान पर पहुंचा और फिर से वही तरीका अपनाने की कोशिश की। मंगलवार रात को सब्जी मंडी में हुआ हंगामा युवक दुकानदार से छोटा सामान खरीदता और फिर बदले में 500 रुपए का नकली नोट पकड़ाकर असली खुले पैसे ले लेता। ऐसा वह कई दिनों से कर रहा था। मंगलवार रात को वह फिर से सब्जी मंडी में पहुंचा, जहां एक महिला सब्जी विक्रेता ने उसे पहचान लिया। महिला ने बाकी दुकानदारों को बताया कि यही वही युवक है जो पिछले दिनों उसे नकली नोट देकर गया था। इसके बाद दुकानदारों ने मिलकर युवक को पकड़ लिया और वहीं बिठाकर पुलिस को फोन कर सूचना दी। सूचना मिलते ही कोतवाली थाना पुलिस मौके पर पहुंची और युवक को हिरासत में ले लिया। 30 नकली नोट हुए बरामद, झालावाड़ से आए थे चित्तौड़ घूमने जब पुलिस ने युवक की तलाशी ली, तो उसके पास से करीब 30 नकली नोट बरामद हुए, जो सभी 500-500 रुपए के थे। पूछताछ में युवक ने कबूल किया कि वह अकेला नहीं है, बल्कि उसके साथ दो और युवक हैं जो इसी काम में शामिल हैं। तीनों युवक कोटा व झालावाड़ जिले के रहने वाले हैं और चित्तौड़गढ़ घूमने के बहाने आए थे, लेकिन उनका असली मकसद शहर में नकली नोटों को चलाकर असली पैसे इकट्ठा करना था। तीनों युवक शहर के एक होटल में रुके हुए थे और वहीं से नकली नोट लेकर बाजारों में घूम रहे थे। पकड़े गए तीनों युवकों का नाम आसिफ अली (27) पुत्र नूर मोहम्मद झालावाड़ निवासी, आदिल खान (27) पुत्र अब्दुल गफूर खान, निवासी सारोला, झालावाड़ और शाहनवाज खान (27) पुत्र मंसूर अहमद, निवासी कैथून, कोटा बताया गया हैं। तीन आरोपियों के खिलाफ हुआ मामला दर्ज पुलिस ने बाद में दो युवकों को भी बाद में गिरफ्तार कर लिया और तीनों के खिलाफ मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है। थानाधिकारी तुलसीराम प्रजापत ने बताया कि तीनों युवकों के पास से बरामद नकली नोटों की जांच की जा रही है, साथ ही यह भी पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि ये नकली नोट कहां से लाए गए और इनके पीछे कोई बड़ा गिरोह तो नहीं है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि ये युवक बाजार में छोटे दुकानदारों को ही निशाना बना रहे थे, क्योंकि वहां ज्यादा पूछताछ नहीं होती और लोग जल्दी नकली नोट पहचान भी नहीं पाते। आरोपी छोटी-छोटी चीजें खरीदते थे और बदले में नकली 500 का नोट थमा देते थे, जिससे उन्हें असली खुले पैसे मिल जाते थे। इसी तरह से ये धीरे-धीरे नकली नोटों को बाजार में चलाने की कोशिश कर रहे थे। पुलिस ने की अपील, नोट जांच कर लेवे सब्जी मंडी के व्यापारी इस घटना से काफी हैरान हैं, क्योंकि पिछले कुछ दिनों में कई दुकानदारों के पास ऐसे नोट पहुंचे थे, लेकिन किसी को शक नहीं हुआ। जब इस युवक को रंगे हाथों पकड़ा गया और उसके पास से नकली नोट मिले, तब जाकर सभी को समझ आया कि उनके साथ धोखा हो चुका है। फिलहाल तीनों आरोपी पुलिस की हिरासत में हैं और पूछताछ जारी है। कोतवाली पुलिस ने सभी दुकानदारों से अपील की है कि अगर किसी को कोई संदिग्ध नोट मिले या फिर कोई व्यक्ति शक के घेरे में लगे, तो तुरंत पुलिस को सूचना दें।


