नक्सली प्रवेश की पत्नी बोलीं-15 वर्षों से पति घर नहीं आया, हमलोग दूसरे के खेत में काम कर जी रहे

शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज, हजारीबाग में मेडिकल बोर्ड के तीन चिकित्सकों की टीम ने सोमवार रात गोरहर थाना क्षेत्र में मारे गए तीन इनामी नक्सलियों के शवों का पोस्टमार्टम किया। इस दौरान बरही एसडीओ दंडाधिकारी के रूप में मौजूद रहे। पुलिस की गोलियों ने उग्रवादियों के शरीर को ऐसी छलनी की कि गिनती नहीं हो पाई की कितनी गोलियां इन्हें लगीं। मालूम हो कि मुठभेड़ में एक करोड़ का इनामी प्रवेश दा उर्फ सहदेव सोरेन, 25 लाख का इनामी रघुनाथ हेंब्रम उर्फ शिबू मांझी और 10 लाख का इनामी जोनल कमांडर बिरसेन गंझु उर्फ खिलावन मारे गए थे। पोस्टमार्टम की वीडियो रिकॉर्डिंग भी की गई। पोस्टमार्टम के बाद प्रवेश दा के शव परिजन अपने गांव ले गए। इस दौरान प्रवेश की पत्नी पार्वती देवी ने कहा कि 15 साल पहले पति घर से निकला था, फिर कभी घर नहीं लौटा। जब घर में पुलिस आने लगी, तब पता चला कि पति नक्सली बन गया है। इन 15 सालों उसने कभी परिवार से बात नहीं की। हम लोग दूसरे के खेतों में मजदूरी कर परिवार चलाते हैं। गांव वालों का सहयोग रहता है, जिसके बदौलत हम दोनों बेटे को पढ़ा रहे हैं। हम यही सोच कर पढ़ा रहे हैं कि दोनों बेटों के ऊपर पिता का लगा कलंक मिट जाए और दोनों बेटे काबिल बन जाए। इस दौरान उसका बड़ा बेटा मनोज सोरेन और छोटा बेटा रंजन सोरेन भावुक हो गए। बड़ा बेटा मनोज सोरेन ने कहा कि हमें भी नहीं पता था कि हमारे पिता नक्सली हैं। जब हम छोटे थे, तभी वे हमें छोड़कर चले गए थे,न वे घर आते थे, न ही हमारा उनसे कोई संपर्क था। अभी वह 12 क्लास में है। जबकि छोटा भाई रंजन सोरेन आठवीं कक्षा में पढ़ रहा है। झारखंड – बिहार सीमा पर शहीद दिवस मना नक्सलियों ने काला झंडा फहराया, पर्चे में मुखबीरों को चेताया, पुलिस जांच में जुटी हजारीबाग में तीन नक्सलियों के मारे जाने के बाद गिरिडीह और बिहार के सीमा क्षेत्र में भाकपा माओवादी की सक्रियता बढ़ गई है। सोमवार की रात नक्सलियों ने गिरिडीह जिले के भेलवाघाटी से सटे बिहार के जमुई जिले के रखाटोला गांव में शहीद दिवस मनाया। इस दौरान नक्सलियों ने खेल मैदान में काला झंडा फहराया और हस्तलिखित पर्चा छोड़ते हुए नारेबाजी की। पर्चे में नक्सलियों ने बिहार-झारखंड के सीमावर्ती इलाकों के कई जनप्रतिनिधियों व ग्रामीणों को पुलिस का मुखबिर बताकर चेतावनी दी है। पर्चे में लेवी की रकम भी मांगी है। साथ ही संगठन का हथियार लौटाने और सुधर जाने की भी नसीहत दी गई है। मंगलवार की सुबह गांव के कुछ आदिवासी युवक फुटबॉल खेलने खेल मैदान पहुंचे तो उन्होंने काले झंडे और पर्चे देख सूचना तुरंत पुलिस को दी। सूचना पर पुलिस पहुंची और झंडे और पर्चे को जब्त किया। चिहरा थाना के प्रभारी विद्यारंजन कुमार ने कहा कि यह शरारती तत्वों की करतूत लगती है, लेकिन जांच जारी है। क्षेत्र में लगातार एलआरपी चलाया जा रहा है। फिलहाल सीमावर्ती क्षेत्र में पुलिस, एसटीएफ और अन्य सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड पर हैं। इलाके में गश्त तेज कर दी गई है। घटना की जानकारी पुलिस के वरीय अधिकारियों को दे दी गई है।

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