छत्तीसगढ़-झारखंड सीमा पर स्थित बलरामपुर जिले के कुसमी विकासखंड का चुनचुना गांव आजादी के 70 साल बाद पहली बार नल के पानी से रोशन हुआ है। जल जीवन मिशन के तहत गांव के सभी 105 घरों में नल कनेक्शन दिए गए हैं, जिससे ग्रामीणों को स्वच्छ पेयजल मिलना शुरू हो गया है। यह गांव लंबे समय तक नक्सली प्रभाव में रहा है। सीमावर्ती क्षेत्र होने के कारण यहां सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं पहुंच पाता था। ग्रामीणों को पीने के पानी के लिए दूर-दराज तक जाना पड़ता था। तेजी से हो रहे विकास कार्य प्रशासन की सक्रियता से अब समय बदल गया है। क्षेत्र में तीन अलग-अलग स्थानों पर सुरक्षा बलों के कैंप स्थापित किए गए हैं। इससे नक्सली गतिविधियां कम हुई हैं और विकास कार्य तेजी से हो रहे हैं। बैकफुट पर आए नक्सली जल जीवन मिशन की इस सफलता ने न केवल पानी की समस्या का समाधान किया है, बल्कि यह नक्सल प्रभावित क्षेत्र में विकास की नई रोशनी भी बन गई है। सुरक्षा बलों की मौजूदगी से नक्सली बैकफुट पर हैं। नक्सलियों के पीछे हटने से गांव में कई विकास योजनाएं भी प्रभावी रूप से लागू हो रही हैं। यह पहल दर्शाती है कि सरकार दूरदराज के क्षेत्रों में भी बुनियादी सुविधाएं पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।


