बीजापुर में नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास की नई शुरुआत हुई है। उल्लूर में 9 सितंबर और चिल्लामरका में 11 सितंबर को नए सुरक्षा व जन-सुविधा कैंप स्थापित किए गए हैं। सरकार की नियद नेल्ला नार योजना के तहत यह कदम उठाया गया है। इससे ग्रामीणों को स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क और बिजली जैसी बुनियादी सुविधाएं मिलेंगी। इन कैंपों से भोपालपटनम से फरसेगढ़, सेंड्रा और महाराष्ट्र के गढ़चिरौली तक संपर्क मार्ग मजबूत होगा। नेशनल पार्क क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों में भी सुविधाएं पहुंचेंगी। स्थानीय लोगों को अब स्वास्थ्य केंद्र, स्कूल, पेयजल, पीडीएस दुकानें और मोबाइल नेटवर्क की सुविधाएं मिलेंगी। प्रशासन का मानना है कि इससे माओवादी गतिविधियां कम होंगी। 2024 से अब तक स्थापित किए हैं 36 सुरक्षा कैंप 2024 से अब तक बीजापुर में 36 सुरक्षा कैंप स्थापित किए गए हैं। इन प्रयासों से 496 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया है। 193 माओवादी मारे गए और 900 को गिरफ्तार किया गया है।इस अभियान में पुलिस महानिरीक्षक बस्तर रेंज सुंदरराज पी, केरिपु ऑप्स आईजी शालिन और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों का योगदान रहा है। स्थानीय नागरिकों में इन कैंपों की स्थापना से उत्साह है। नियद नेल्ला नार योजना के तहत 2023-24 और 2024-25 में स्थापित 36 नए कैंपों से क्षेत्र में विकास कार्य तेजी से हो रहे हैं। इनसे सड़क, बिजली, पानी, मोबाइल टावर, आंगनबाड़ी, स्वास्थ्य और शिक्षा सुविधाओं का विस्तार हो रहा है।


