नगरपरिषद में 35 लाख अटका, फंदे पर झूला ठेकेदार:चक्कर काटते-काटते हुआ परेशान, होटल के कमरे में लटका मिला शव

झालावाड़ नगर परिषद से बकाया भुगतान न मिलने से परेशान ठेकेदार प्रवीण चतुर्वेदी ने सुसाइड कर लिया। बुधवार सुबह शहर के एक होटल में उसका का शव फंदे पर लटका मिला। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को झालावाड़ अस्पताल पहुंचाया। पुलिस को मौके से सुसाइड नोट ​भी मिला है। परिजनों ने बताया कि प्रवीण लंबे समय से बकाया भुगतान को लेकर मानसिक तनाव में थे। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, कोटा रोड स्थित एक निजी होटल से सुबह 10 सूचना मिली की रूम सर्विस के लिए रूम में रुका गेस्ट कमरा नहीं खोल रहा है, ना ही आवाज देने पर कोई जवाब मिल रहा है। कोतवाली पुलिस जब मौके पर पहुंची, तो कमरा अंदर से बंद था। पुलिस ने दरवाजा तोड़कर अंदर प्रवेश किया। वहां प्रवीण चतुर्वेदी का शव पंखे पर फंदे से लटका ​हुआ मिला। पुलिस ने शव को नीचे उतारकर झालावाड़ अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखवाया। लंबे समय से नगर परिषद में पेंडिंग चल रहे थे बिल, तनाव में था ठेकेदार ठेकेदार के भाई अमित चतुर्वेदी पुलिस को दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि प्रवीण चतुर्वेदी लंबे समय से नगरपरिषद द्वारा उनके बिल पास नहीं किए जाने को लेकर भारी मानसिक तनाव में थे। करीब 35 लाख रुपए का भुगतान बकाया चल रहा था, इसकी वजह से उनकी आर्थिक स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही थी। भुगतान नहीं होने के कारण प्रवीण बैंक के लोन और बाजार से उधार ली गई बड़ी रकम के दबाव में थे। वे लगातार नगरपरिषद के चक्कर लगा रहे थे, लेकिन कोई समाधान नहीं निकल पा रहा था। इसी तनाव और आर्थिक संकट के चलते उन्होंने यह कदम उठाया।
एक दिन पहले घर से निकले थे प्रवीण
प्रवीण चतुर्वेदी उर्फ राजू मंगलवार को घर से निकले थे, लेकिन वापस नहीं लौटे। आज उनका शव शहर के एक निजी होटल में मिला। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम की कार्रवाई शुरू की। मामले की जांच की जा रही है। ठेकेदार की मौत के बाद नगरपरिषद की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय ठेकेदारों और आमजन में भी रोष देखा जा रहा है। लोगों का कहना है कि समय पर भुगतान नहीं होने से ठेकेदार आर्थिक और मानसिक रूप से टूट जाते हैं, जिसके गंभीर परिणाम सामने आ रहे। हालांकि इस मामले में पुलिस ने एक सुसाइड नोट भी बरामद किया है, लेकिन इस बारे में बताने से इनकार कर दिया। परिजनों की रिपोर्ट के आधार पर पुलिस पोस्टमॉर्टम की कार्रवाई करा रही है। नहीं हो सका आयुक्त से सम्पर्क नगर परिषद झालावाड़ में यूं तो लंबे समय से आयुक्त नहीं होने से कार्यवाहक के भरोसे आयुक्त का पद चल रहा था, हाल ही में तीन-चार दिन पहले ही अशोक शर्मा को आयुक्त लगाया गया है। उन्होंने ज्वाइन भी कर लिया। मामले में जानकारी लेने के लिए जब उन्हें फोन किया गया तो उन्होंने फोन नहीं उठाया।

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