नगरफोर्ट को पंचायत समिति का दर्जा दिलाने व तहसील कार्यालय नगरफोर्ट को यथावत रखने को लेकर चल रहे अनशन को ग्रामीणों एवं व्यापार मंडल का व्यापक समर्थन मिला। समर्थन स्वरूप नगर फोर्ट में पूर्ण बाजार बंद रखा गया, जिससे जनआक्रोश और एकजुटता स्पष्ट दिखाई दी। ग्रामीण कचहरी चौक से जुलूस के रूप में बाजार, हथाई मोहल्ला, मिलन चौराहा, हायर सेकंडरी चौराहा, बड़ा बस स्टैंड होते हुए तहसील कार्यालय पहुंचे, जहां जिम्मेदार अधिकारी के उपस्थित नहीं होने पर लोगों में भारी रोष है। ग्रामीणों ने तहसीलदार अथवा एसडीओ को ही ज्ञापन सौंपने की मांग की और किसी अन्य अधिकारी को ज्ञापन देने से इनकार कर दिया। अधिकारियों के नहीं पहुंचने पर ग्रामीण तहसील कार्यालय के बाहर सड़क पर ही धरने पर बैठ गए और एलान किया कि जब तक तहसीलदार स्वयं आकर ज्ञापन नहीं लेते, तब तक धरना जारी रहेगा। करीब 1 घंटे बाद धुवांकलां नायब तहसीलदार मेघा गुप्ता ने मौके पर आकर ग्रामीणों से ज्ञापन लिया। ग्रामीणों ने बताया कि जब तक नगर फोर्ट के ग्रामीणों की मांग पूरी नहीं होगी, तब तक धरना स्थल से ग्रामीण नहीं उठेंगे। नगरफोर्ट के ग्रामीण तीन दिनों से नगर फोर्ट को पंचायत समिति दर्ज देने की मांग को लेकर आमरण अनशन पर बैठे हुए हैं। ग्रामीणों ने बताया कि जब तक नगरफोर्ट को पंचायत समिति का दर्जा नहीं दिया जाता, तब तक आमरण अनशन जारी रहेगा।


