रांची सिखों के नौवें गुरुश्री गुरु तेग बहादुर महाराज की पावन शहादत को समर्पित धुबड़ी साहिब से रांची पहुंचा नगर कीर्तन आनंदपुर साहिब के लिए रवाना हो गया। हजारों की संख्या में मौजूद सिखों और सहजधारियों ने नगर कीर्तन को गगनभेदी जयकारों बोले सो निहाल, सतश्री अकाल के साथ हजारीबाग के लिए रवाना किया। रांची में रात्रि विश्राम के बाद गुरुवार को तड़के मेन रोड गुरुद्वारा में अमृत वेले का दीवान सजाया गया। विशेष दीवान की शुरुआत आसा दी वार कीर्तन के साथ गुरुद्वारा के हजूरी रागी भाई भरपूर सिंह और उनके साथियों ने की। नगर कीर्तन के साथ चल रहे रागियों द्वारा गुरुओं की पवनवाणी का गायन किया गया। नगर कीर्तन के साथ चल रहे धर्म प्रचार कमेटी के प्रचारक ज्ञानी जगदेव सिंह, भाई बलदेव सिंह और जत्थेदार ज्ञानी जसविंदर सिंह द्वारा संगत को गुरुजी की शहादत और उनकी बहादुरी से अवगत कराया गया। श्री गुरु सिंह सभा रांची द्वारा सभी को सरोपा देकर सम्मानित किया गया। राज्य की मुख्य सचिव अलका तिवारी और अल्पसंख्यक आयोग के उपाध्यक्ष सरदार ज्योति सिंह मथारू भी विशेष दीवान में शामिल हुए। उन्हें भी सरोपा देकर सम्मानित किया गया। ज्ञानी जसविंदर सिंह ने झारखंड की खुशहाली और संगत की सुख-समृद्धि के लिए अरदास की। नगर कीर्तन के साथ चल रहे पंज प्यारों और पांच निशाचियों को भी सम्मान के साथ विदा किया गया। श्री गुरु सिंह सभा रांची के नेतृत्व में संगत ने शब्द कीर्तन के साथ जयकारे लगाते हुए नगर कीर्तन को ओरमांझी टोल प्लाजा तक पहुंचाया। श्री गुरु सिंह सभा के महासचिव गगनदीप सिंह सेठी के नेतृत्व में सुरजीत सिंह, रनप्रीत सिंह, हरप्रीत सिंह, सरदार धियान सिंह, गुरदीप सिंह, परमजीत सिंह टिंकू समेत अन्य श्रद्धालु शामिल हुए। मेन रोड गुरुद्वारा में शबद गायन करते रागी।


