धमतरी में नगर निगम की लापरवाही सामने आई है। यहां महापुरुषों की तस्वीरें कचरा गाड़ी में लाई गईं, जिसके बाद राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया। कांग्रेसियों ने इसे महापुरुषों का अपमान बताते हुए महापौर को तस्वीरें सौंपीं और विरोध प्रदर्शन किया। यह घटना धमतरी के इतवारी बाजार स्थित शाला क्रमांक 1 में हुई। इस स्कूल भवन को तोड़ा जा रहा है, क्योंकि शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को यहां स्थानांतरित किया जाना है। इसके लिए लगभग सवा करोड़ रुपए का बजट प्रावधान किया गया है। भवन तोड़ने के दौरान महापुरुषों की तस्वीरें कूड़े में पड़ी मिली थीं। कांग्रेस का आरोप- महापुरुषों का अपमान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने इन तस्वीरों को कूड़े से उठाकर महापौर के कक्ष में पहुंचकर उन्हें सौंपा। कांग्रेसियों ने आरोप लगाया कि यह महापुरुषों का अपमान है और स्कूल भवन को बिना उचित टेंडर प्रक्रिया के तोड़ा जा रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि इस स्कूल से कई प्रसिद्ध हस्तियों ने शिक्षा प्राप्त की है। अस्पताल निर्माण के लिए कार्रवाई, कांग्रेस के आरोप निराधार इस संबंध में महापौर ने कहा कि जर्जर हो चुके स्कूल भवन को अस्पताल निर्माण के लिए तोड़ा जा रहा है। उन्होंने कांग्रेस के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि महापुरुषों की तस्वीरों को नगर निगम में सुरक्षित रखा गया है। महापौर ने कांग्रेस पर पलटवार करते हुए कहा कि जनता ने उन्हें 2014 में ही ‘साफ’ कर दिया था।


