लुधियाना| निगम शहर में बढ़ते कचरे, खासकर हरे कचरे (बागवानी से निकलने वाला कचरा) की समस्या से निपटने और उसे उपयोगी ऊर्जा में बदलने के लिए यह कदम उठा रहा है। इस परियोजना के तहत एक निजी कंपनी को 24/7 प्लांट चलाने और कचरे को जैव-ईंधन में बदलने का काम सौंपा जाएगा, जिसका टेंडर लगाया जा चुका है। इसकी पुष्टि करते हुए निगम कमिश्नर आदित्य डेचलवाल ने बताया कि 4.4 करोड़ रुपए की लागत का टेंडर लगाया जा चुका है और जनवरी के दूसरे सप्ताह तक ओपन होगा। वहीं, जिस कंपनी को काम सौंपा जाएगा, वो हरे कचरे से कोयला बनाएगा। निगम की तरफ से प्लांट लगाने की जगह मुहैया करवाई जाएगी और कंपनी को काम 3 सालों के लिए सौंपा जाना है, जिसे आगे भी एक्सटेंड किया जाएगा। बता दें कि इस समय शहर में ग्रीनरी को ज्यादातर आग लगा दी जाती है, जिससे प्रदूषण बढ़ता है। ऐसे में निगम ने इसका परमानेंट विकल्प निकालते हुए टेंडर लगाया है। निगम की तरफ से जितना ग्रीन वेस्ट होगा शहर में इक्ट्ठा होगा, उसे कंपनी की तरफ से उठाया जाएगा। कंपनी की सारी मशीनरी होगी और 10 से 12 ट्रेक्टर-ट्रालियां रोजाना कार्य करेंगी। निगम की तरफ से पेड़ों, सेंट्रल वर्ज या पार्कों में जो भी ट्रीमिंग की जाएगी, उसके बाद सारा ग्रीन वेस्ट कंपनी उठाकर प्लांट पर लेकर जाएगी।


