एनआईटी चौपाटी से जुड़ा अब एक नया विवाद सामने आया है। विपक्ष ने आरोप लगाया है कि साइंस कॉलेज यूथ हब से जुड़ी फाइल नगर निगम दफ्तर से गायब हो गई है। निगम नेता प्रतिपक्ष आकाश तिवारी ने नगर निगम आयुक्त को पत्र लिखकर फाइल उपलब्ध कराने की मांग की है। आकाश तिवारी ने पत्र में लिखा है कि यूथ हब की फाइल सचिवालय में उपलब्ध कराई जाए ताकि जनप्रतिनिधि उसका अवलोकन कर सकें। उन्होंने कहा— “यह आम जनता से जुड़ा बड़ा मुद्दा है, हमें हमारे अधिकार से वंचित न रखा जाए।” दैनिक भास्कर से बात करते हुए तिवारी ने आरोप लगाया कि यूथ हब की फाइल नगर निगम से गायब है, लगातार अधिकारियों से संपर्क करने के बाद भी अवलोकन करने के लिए फाइल नहीं मिल रही है, आज मैने नगर निगम आयुक्त को पत्र लिखकर फाइल उपलब्ध करने को कहा है जिससे कोई भी जनप्रतिनिधि उस फाइल को देख सके और सच्चाई जनता के सामने आए। एनआईटी चौपाटी और साइंस कॉलेज यूथ हब पर जारी है विवाद चौपाटी को एनआईटी से हटाकर आमानाका शिफ्ट किए जाने के बाद भी विवाद जारी है, सरकार जहां इसे यूथ हब बनाने की तैयारी में है, वहीं कांग्रेस पहले दिन से ही इसे मनमाना और जल्दबाजी में लिया गया निर्णय बता रही है। विवाद तब और बढ़ गया, जब कुछ दिन पहले युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने भाजपा विधायक राजेश मूणत के पोस्टर पर कालिख पोत दी। इस मामले में युवा कांग्रेस जिलाध्यक्ष समेत कई कार्यकर्ताओं पर FIR दर्ज हुई, जिसके बाद यूथ कांग्रेस और NSUI ने सरस्वती नगर थाने का घेराव किया। विरोधियों की मांग है कि— 10 करोड़ खर्च कर बनी थी चौपाटी, अब नालंदा–2 प्रोजेक्ट की तैयारी एनआईटी चौपाटी को विकसित करने में करीब 10 करोड़ रुपए खर्च हुए थे, लेकिन सरकार बदलने के बाद भाजपा सरकार ने यहां नालंदा–2 बनाने की घोषणा की। नवंबर 2025 में इसका टेंडर पूरा भी कर लिया गया। चौपाटी हटाने का यह मुद्दा अब प्रशासनिक कार्रवाई से आगे बढ़कर गंभीर राजनीतिक टकराव में बदल चुका है। भाजपा इसे नया यूथ हब बनाने की दिशा में जरूरी कदम बता रही है, जबकि कांग्रेस इसे राजनीतिक प्रतिशोध और मनमाना बता रही है।


