आगरा में 2 अक्टूबर को दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान 13 युवक नदी में डूब गए थे। इनमें से 7 लोगों का अभी तक पता नहीं चल पाया है। घटना के तीसरे दिन शनिवार को भी उंटगन नदी में रेस्क्यू चल रहा है। NDRF और SDRF की टीमें लगी हैं। साथ ही सेना की भी मदद ली जा रही है। नदी में पानी का बहाव रोकने के लिए अस्थाई बांध बनवाकर पानी को निकलवाया जा रहा है। इसके लिए मिट्टी से भरे कट्टे लगाए जा रहे हैं। मिट्टी भी डाली जा रही है, जिससे पानी का बहाव एक तरफ से कम हो जाए। जेसीबी से भी पानी निकाला जा रहा है। गांववाले भी 3 दिन से नदी किनारे ही डटे हैं। पहले विस्तार से पढ़िए पूरा मामला हादसा आगरा के खैरागढ़ तहसील के गांव कुसियारपुर में हुआ था। इस गांव में 2 अक्टूबर को मां दुर्गा की मूर्ति विसर्जित करने की तैयारी चल रही थी। मूर्ति विसर्जन के लिए गांव के युवक और पुरुष नाचते-गाते कुसियापुर गांव के डूगरवाला गांव गए थे। जहां उटंगन नदी में विसर्जन के दौरान गांव के 13 युवक गहरे पानी में डूब गए। ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत के बाद एक युवक भोला उर्फ विष्णु को बचा लिया। डेढ़ घंटे बाद पुलिस की मदद से 2 युवकों ओमपाल और गगन के शव निकाले गए। देर रात एक अन्य लड़के मनोज का भी शव मिल गया। इसके बाद 2 अन्य युवकों की लाशें भी 3 अक्टूबर की सुबह बाहर निकाली गईं। इस तरह से 6 लोगों का पता चल गया है। लेकिन, 7 लोग अभी भी लापता हैं। गांव में चारों तरफ सन्नाटा
2 अक्टूबर को दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के लिए जहां गांव में काफी उत्साह था, आज वहां सन्नाटा पसरा है। गलियां सुनसान हैं। गांव के लगभग हर घर से रोने की आवाजें आ रही हैं। किसी का बेटा चला गया, तो किसी का पति। माएं चीख-चीखकर रो रही हैं। पिता अपने बेटों को खोने के बाद बेसहारा हो गए हैं। बहनें अपने भाइयों को याद करके सिसक रही हैं। जो लोग अब तक नहीं मिले हैं, उनके परिवारवालों को अभी भी उम्मीद है। वो भगवान से अपने लोगों के सकुशल वापस आने की कामना कर रहे हैं। गांववाले बोले- सभी युवक नदी के भंवर में फंस गए
गांववालों ने बताया- हम सभी मूर्ति विसर्जन के लिए गए थे। सब एक साथ थे। घर से निकलकर हम लोग पुल पर पहुंचे। पुल से नीचे उतर कर हम वहां नहाने जा रहे थे। लेकिन, पुलिसवालों ने हमें वहां नहाने नहीं दिया। इसके बाद सभी लोग कुंड स्थल से 300 मीटर दूर दूसरे स्थान पर चले गए। यहां पर सभी लोग नहाने के लिए नदी में उतर गए। इसके बाद हम लोगों को बचाओ-बचाओ का शोर सुनाई दिया। नदी में एक-एक कर 6-7 युवक डूबने लगे। यह देख गांव के अन्य युवक उन्हें बचाने के लिए नदी में कूद गए। देखते ही देखते 13 युवक नदी के भंवर में फंसते गए। गांववालों को जब सूचना मिली, तो सभी भाग कर मौके पर पहुंचे। उस समय हम सब लोगों ने नदी में रस्सा डाला। उसमें से एक युवक को सुरक्षित निकाल लिया गया। लेकिन बाकी युवकों को नहीं बचा सके। उस युवक ने बताया- उंटगन नदी में गड्ढा था, जिसका किसी को अंदाजा नहीं था। सब लोग उसी में फंस गए। हर घर से आ रहीं रोने की आवाजें कुसियारपुर खैरागढ़ तहसील मुख्यालय से 2 किलोमीटर की दूरी पर है। गांव में लगभग 200 घर और 2000 की आबादी है। यहां 9 दिन तक देवी की स्थापना कर पूजा की गई थी। नवमी पर मूर्ति विसर्जन के लिए पूरा गांव जा रहा था। हादसे के बाद हर घर से रोने की आवाजें आ रही हैं। जिन घरों में मौत हुई, उन घरों में गांवों की महिलाएं इकट्ठा हैं। इतनी ज्यादा मौतों ने सबको हिलाकर रख दिया है। कभी एक के घर में जाकर सब सांत्वना देती हैं, तो कभी सभी दूसरे के घर में पहुंच जाती हैं। 24 घंटे से पूरे गांव में किसी के घर में चूल्हा नहीं जला। पंडाल सूना पड़ा है। जिस मूर्ति के विसर्जन के लिए लोग गए थे, वो नदी में आधी डूबी खड़ी है। डीसीपी बोले- गांव वाले कैला देवी जाने को कहकर लौट गए थे
डीसीपी वेस्ट अतुल शर्मा ने बताया- पुलिस ने विसर्जन स्थल उंटगन नदी पुल के नीचे बनाया था। ये लोग सबसे पहले दुर्गा प्रतिमा लेकर वहां पहुंचे थे। लेकिन, पुलिस ने बीच नदी में जाने से मना कर दिया। इसके बाद वो लोग कैला देवी जाने की बात कहकर लौट गए और रास्ते में ही डूंगर वाला गांव में नदी किनारे विसर्जन करने लगे। वहीं पर हादसा हुआ। एडिशनल सीपी राम बदन सिंह ने कहा- खैरागढ़ के उंटगन नदी पुल के पास मूर्ति विसर्जन के लिए आर्टिफिशियल तालाब बनवाया गया था। जो लोग कुसियापुर गांव से आए थे, उन्होंने यहां मूर्ति विसर्जन करने से मना कर दिया। कहने लगे कि हम कैलापुर जाएंगे। पता नहीं फिर सभी रास्ते से लौट आए। इसके बाद हमें हादसे के बारे में पता चला। सेना के 19 जवान भी 7 युवकों की तलाश में जुटे
उत्तराखंड में बड़े ऑपरेशन का हिस्सा रही 411 पैरा फील्ड यूनिट खैरागढ़ के गांव कुसियापुर में बुलाई गई है। 50 पैरा ब्रिगेड की 411 पैरा फील्ड यूनिट उत्तराखंड सहित कई राज्यों में आपदा में बचाव अभियान चला चुके हैं। गांव में पहुंचने वाले 19 सदस्यीय दल में विशेष गोताखोर जवान शामिल हैं। इन्हें गहरे पानी में जाने का अनुभव है। टीम के सदस्य 30 से 35 फीट की गहराई पर ऑक्सीजन सिलेंडर के साथ जाकर काफी देर तक रह सकते हैं। हाल में राजस्थान के सरमथुरा में डूबे एयरफोर्स के जवान को बचाने के लिए टीम गई थी। 19 सदस्यीय दल में एक मेजर, दो जेसीओ भी हैं। नदी से इन 5 लोगों के शव निकाले गए 1. ओमपाल (28) पुत्र रमेश चंद। ओमपाल की 4 साल पहले शादी हुई थी। दो बच्चे हैं- एक 2 साल दूसरा 4 महीने का। 2. भगवती (24) पुत्र मुरारीलाल। भगवती किसान था। उसकी साढ़े 7 महीने पहले शादी हुई थी। 3. अभिषेक उर्फ भोला (17) पुत्र कुमरराज। 12वीं का छात्र था। घर में माता-पिता और 2 बहनें हैं। 4. गगन (25) पुत्र यादव सिंह। घर में उसकी मां-पिता और 2 बहनें हैं। 5. मनोज उर्फ मूला (16) पुत्र रामनिवास। दसवीं का छात्र का था। 3 भाइयों में सबसे छोटा था। गायब लोगों का रेस्क्यू जारी 1. गजेंद्र (20) के पिता रेवती प्रसाद किसान हैं। वह 3 भाइयों में सबसे छोटा है। 12वीं का छात्र है। 2 बहनों की शादी हो चुकी है। एक छोटी बहन आरती है। 2. ओकेश (16) के पिता किशन सिंह किसान हैं। वह 6 भाइयों में सबसे छोटा है। उसकी मां शांति देवी रोते हुए कहती हैं कि कोई बेटे को वापस ले आए। 3. वीनेश (20) के पिता बब्बू उर्फ विजय सिंह किसान हैं। भाई लोकेश शादीशुदा है। 2 बहनों में से एक की शादी हो चुकी है। छोटी बहन वर्षा है। मां ममता देवी का रो-रोकर बुरा हाल है। 4. करन (21) के पिता रामवीर किसान हैं। करन भी काम में सहयोग करता है। वह पत्थर का कारीगर भी है। वह 3 भाई और 1 बहन हैं। 4 साल पहले उसकी शादी सपना से हुई थी। उसका एक साल का बेटा विनय है। मां सामंती देवी सदमे में है। 5. सचिन उर्फ महावीर (15) के पिता रामवीर सिंह मार्बल कारीगर हैं। सचिन का बड़ा भाई अंकित 18 साल का है। बहन खुशबू है। 6. दीपक (15) के पिता सुकखन की 6 साल पहले बीमारी से मौत हो गई थी। 4 भाइयों में सबसे छोटा है। बेटे के डूबने का पता चलते ही मां तुलसी देवी रोने-चिल्लाने लगीं। रिश्तेदार उन्हें संभाल रहे हैं। 7. हरीश (18) के भाई गगन की इस हादसे में मौत हो चुकी है। हरीश आईटीआई कर रहा है। उसकी बड़ी बहन की शादी हो चुकी है और छोटी बहन पूजा पढ़ाई कर रही है। —————————- ये खबर भी पढ़िए… मुजफ्फरनगर में एक लाख का इनामी मेहताब एनकाउंटर में ढेर, सरेंडर करने की चेतावनी पर फायरिंग की मुजफ्फरनगर में पुलिस ने एक लाख रुपए के इनामी बदमाश मेहताब को मुठभेड़ में मार गिराया है। शुक्रवार रात पुलिस को मेहताब के आने की सूचना मिली थी। जिसके बाद बदमाश की घेराबंदी की गई। पढ़ें पूरी खबर…


