नदी में बाढ़…5 छात्रों ने दूसरे गांव में बिताई रात:सरगुजा में पुलिया नहीं, बारिश में जान जोखिम में डालकर नदी पार करते हैं ग्रामीण

सरगुजा के दूरस्थ ग्राम पंचायत घाटबर्रा के परोगिया में स्कूल गए 5 बच्चे सोमवार को नदी में बाढ़ आने के कारण फंस गए। बच्चों को एक ग्रामीण ने शरण देकर अपने घर में ही रखा। सुबह नदी का जल स्तर कम हुआ तो बच्चे वापस अपने गांव पहुंचे। यहां नदी पार 20 ग्रामीण परिवार रहते हैं। मामला उदयपुर ब्लॉक का है। जानकारी के मुताबिक, घाटबर्रा ग्राम पंचायत के आश्रित ग्राम परोगिया के स्कूल में पढ़ने के लिए छुरीपारा से पांच बच्चे सोमवार को स्कूल पहुंचे थे। सोमवार को मैनपाट, लखनपुर और उदयपुर क्षेत्र में दोपहर बाद झमाझम बारिश हुई। बच्चों के स्कूल की छुट्टी हुई तो वे वापस घर जाने के लिए निकले। परोगिया और छुरीपारा के बीच बहने वाली बाघ हाथ नदी में तब तक बाढ़ आ गई थी। करीब 5 फीट पानी बह रहा था। ग्रामीण के घर गुजारी रात बच्चे काफी देर तक पानी कम होने का इंतजार करते रहे, लेकिन लगातार बारिश के कारण बाढ़ का पानी कम नहीं हुआ तो शाम 5.30 बजे बच्चों को परोगिया निवासी ग्रामीण केंदा राम अपने घर ले गया। ग्रामीण ने बच्चों को खाना खिलाया और रात को अपने घर में सुलाया। सुबह जब नदी का जल स्तर कम हुआ तो बच्चे अपने घर वापस पहुंचे। सालों से मांग, नहीं बनी पुलिया परोगिया के छुरीपारा में 20 ग्रामीण परिवार निवास करते हैं। छुरीपारा और परोगिया के बीच बहने वाली बाघ हाथ नदी में सालों से पुलिया बनाने की मांग कर रहे हैं, लेकिन पुलिया नहीं बन सकी। ग्रामीण संतराम ने बताया कि बरसात के दिनों में इस पहाड़ी नदी में अचानक बाढ़ आ जाती है। कई बार ग्रामीण जान जोखिम में डालकर नदी पार करते हैं। पहुंचविहीन होने के कारण ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। राशन दुकान जाने और ब्लॉक मुख्यालय जाने के लिए लोगों को यह नदी पार करनी पड़ती है। बारिश के मौसम में कई बार बच्चे भी स्कूल नहीं जा पाते हैं, क्योंकि नदी में पानी ज्यादा होता है।

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