गुना नगरपालिका के पूर्व अध्यक्ष, सीएमओ और इंजीनियरों से करीब 25 लाख रुपए की वसूली की जाएगी। मामला साल 2018 में मुक्तिधाम की जमीन पर बिना लैंड यूज (भूमि उपयोग) बदले गौशाला के लिए टीनशेड बनाने से जुड़ा है। हाईकोर्ट के आदेश के बाद नगरपालिका ने तत्कालीन अधिकारियों को नोटिस जारी कर 7 दिन में राशि जमा करने का अल्टीमेटम दिया है। ऐसा न करने पर उनके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। हाईकोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि निर्माण कार्य में ठेकेदार की कोई गलती नहीं है। कोर्ट ने कहा कि पब्लिक फंड के गलत इस्तेमाल की जिम्मेदारी तत्कालीन सीएमओ, नपा अध्यक्ष और तकनीकी अधिकारियों की है। कोर्ट ने ठेकेदार का भुगतान तुरंत करने और नियम विरुद्ध काम कराने वाले जिम्मेदारों से राशि वसूलने के निर्देश दिए थे। इन 5 लोगों से होगी वसूली
मुख्य नगरपालिका अधिकारी के आदेश के मुताबिक, तकनीकी टीम ने काम की लागत 24.96 लाख रुपए तय की है। इस मामले में तत्कालीन नपा अध्यक्ष, तत्कालीन सीएमओ पीएस बुंदेला, तत्कालीन कार्यपालन यंत्री राकेश बिहारी गुप्ता, तत्कालीन उपयंत्री हरीश श्रीवास्तव और तत्कालीन शाखा लिपिक अशोक श्रीवास्तव के नाम शामिल हैं। नामांतरण मामले में भी वसूली के आदेश
दो दिन पहले ही कलेक्टर कोर्ट ने एग्रीमेंट के आधार पर नामांतरण करने के मामले में भी तत्कालीन जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से वसूली के आदेश दिए थे। यह मामला कस्तूरबा नगर वार्ड क्रमांक 20 के सर्वे नंबर 353/1 के भूखंडों से जुड़ा है। स्टांप ड्यूटी चोरी का भी है आरोप
उत्सव बैठते की अपील पर जांच में सामने आया कि 13 दिसंबर 2016 को नियमों को दरकिनार कर केवल एक अनुबंध पत्र पर महेंद्र कुमार जादौन के नाम नामांतरण कर दिया गया था। जबकि नियमानुसार रजिस्टर्ड सेल डीड (विक्रय पत्र) पर ही नामांतरण हो सकता है। जांच समिति ने पाया कि नोटशीट चलाने से लेकर स्वीकृति तक पद का दुरुपयोग हुआ। ब्याज सहित चुकानी होगी रकम
जांच रिपोर्ट के अनुसार, 5 लाख रुपए की संपत्ति पर 62,500 रुपए का स्टांप शुल्क बनता था। इसे बचाने के लिए 100 रुपए के स्टांप पर खेल किया गया। कलेक्टर ने अब दोषियों से 62,400 रुपए अतिरिक्त मुद्रांक शुल्क और इतनी ही राशि की पेनल्टी यानी कुल 1,24,800 रुपए वसूलने के आदेश दिए हैं। यह राशि ब्याज सहित देनी होगी।


