राजगढ़ जिले के नरसिंहगढ़ में विजयदशमी का पर्व 340 साल पुरानी परंपरा के अनुसार धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर नगर के ऐतिहासिक दशहरे मैदान में 51 फीट ऊंचे रावण पुतले का दहन किया गया। इसके पहले रियासतकाल से चली आ रही परंपरा के तहत भगवान रघुनाथ की शोभायात्रा निकाली गई। शहर के मुख्य रास्तों से निकली यात्रा
शोभायात्रा का शुभारंभ वार्ड नंबर 1 स्थित प्राचीन रघुनाथ मंदिर से हुआ। भगवान रघुनाथ के रथ को सजाकर नगर भ्रमण कराया गया, जो बड़ा बाजार, रावजी का चौक, सूरजपोल, अस्पताल रोड और अर्जुन गौशाला होते हुए दशहरे मैदान पहुंचा। शोभायात्रा में राम-लक्ष्मण दरबार, शिव-पार्वती की झांकियां और अखाड़ों द्वारा करतब प्रस्तुत किए गए। रामलीला कलामंडल मंडल ने भी झांकियों के माध्यम से भगवान राम के जीवन प्रसंग दर्शकों के सामने प्रस्तुत किए। दशहरे मैदान पहुंचने पर भगवान राम, लक्ष्मण और हनुमान की उपस्थिति में रावण का वध किया गया। रावण दहन के साथ ही आतिशबाजी भी की गई, जिसे हजारों दर्शकों ने देखा और उत्सव का आनंद लिया। आयोजन के दौरान पुलिस विभाग ने भगवान रघुनाथ को गार्ड ऑफ ऑनर दिया। 340 साल से चली आ रही परंपरा
इस अवसर पर विधायक मोहन शर्मा, रघुनाथ मंदिर पुजारी विनोद मेहता, एसडीएम सुशील कुमार, तहसीलदार विराट अवस्थी, एसडीओपी मिनी शुक्ला, थाना प्रभारी एसएस चौहान, नगरपालिका सीएमओ अभिषेक जैन, नगरपालिका अध्यक्ष कविता शर्मा, उपाध्यक्ष मनोज महावर सहित प्रशासनिक अधिकारी, पुलिस बल और नगर पालिका कर्मचारी उपस्थित रहे। नरसिंहगढ़ की यह 340 साल पुरानी परंपरा आज भी श्रद्धा और भक्ति के साथ जारी है, जिसमें बड़ी संख्या में लोग हिस्सा लेते हैं और एक-दूसरे को विजयदशमी की शुभकामनाएं देते हैं।


