टोंक जिले के समरावता में 13 नवंबर को हुई आगजनी, तोड़फोड़ आदि धाराओं में आरोपी बनाए गए नरेश मीणा की जमानत याचिका पर सुनवाई 12 फरवरी तक टल गई। मंगलवार को इस मामले में जमानत पर सुनवाई होनी थी, लेकिन सरकारी पक्ष ने कोर्ट में अवगत कराया कि अभी इस केस में चालान स्थानीय कोर्ट में पेश नहीं हुआ है।
यह सुनने के बाद कोर्ट ने टिप्पणी कर 12 फरवरी को इस मामले सुनवाई करने की नई तारीख दे दी। नरेश मीणा की ओर से एडवोकेट महेश कुमार शर्मा, एडवोकेट लाखन सिंह मीणा ने इस केस में पैरवी की।। एडवोकेट लाखन सिंह मीणा ने बताया 13 नवंबर को टोंक जिले में देवली-उनियारा विधानसभा उपचुनाव के दौरान रात के समरावता में आगजनी, तोड़फोड़ आदि घटनाक्रम हुआ था। इसमें नगरफोर्ट थाना पुलिस ने निर्दलीय प्रत्याशी रहे नरेश मीणा के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया था। इसका केस नंबर 167/ 2024 है। इस मामले में गतदिनों 8 जनवरी को हाईकोर्ट जयपुर में नरेश मीणा की जमानत याचिका लगाई थी।
मंगलवार को इसमें राजस्थान हाईकोर्ट जयपुर में कोर्ट नंबर 19 में सुनवाई होनी थी। इस मामले में सरकारी पक्ष ने हाईकोर्ट में अपनी बात रखते हुए न्यायाधीश को अवगत कराया कि इसमें अभी चालान पेश नहीं हुआ है। इसमें जांच पूरी कर 11 फरवरी को स्थानीय कोर्ट में चालान पेश कर दिया जाएगा। यह सुनने के बाद न्यायाधीश ने इस केस में सुनवाई के लिए 12 फरवरी की तारीख दी है। यानि की नरेश मीणा की जमानत एक बार फिर 12 फरवरी तक कम से कम टल गई है। यह था मामला
13 नवंबर को देवली उनियारा विधानसभा के उपचुनाव के लिए मतदान हुआ था। इसमें समरावता गांव के लोगों ने उनके गांव को उनियारा उपखंड कार्यालय में शामिल करने की मांग को लेकर मतदान का बहिष्कार कर रखा था। उस समय निर्दलीय प्रत्याशी रहे नरेश मीणा भी ग्रामीणों की मांग वाजिब बताते हुए ग्रामीणों के साथ धरने पर बैठ गया था। मतदान बहिष्कार के बावजूद 3 लोगों के जबरन वोट दिलाने का आरोप लगाते हुए नरेश मीणा ने SDM अमित चौधरी को थप्पड़ मार दिया था। दूसरे दिन 14 नवंबर को पुलिस ने नरेश मीणा को धरना स्थल से गिरफ्तार कर लिया था। फिर कोर्ट के आदेश पर 15 नवंबर को जेल भेज दिया।


