नर्मदापुरम कलेक्टर की परीक्षार्थी और अभिभावकों को संदेश:परीक्षा सिर्फ एक पड़ाव है, भविष्य का अंतिम निर्णय नहीं है

मध्यप्रदेश में मंगलवार से बोर्ड परीक्षाओं की शुरुआत हो रही है। पहले दिन कक्षा 12वीं के अंग्रेजी विषय की परीक्षा आयोजित की जाएगी। परीक्षा में शामिल होने वाले विद्यार्थियों को नर्मदापुरम कलेक्टर सोनिया मीना ने शुभकामनाएं दी हैं और उन्हें सकारात्मक संदेश दिया है। परीक्षा जीवन का अंतिम फैसला नहीं: कलेक्टर कलेक्टर सोनिया मीना ने विद्यार्थियों को संदेश देते हुए कहा कि परीक्षा केवल जीवन का एक पड़ाव है, यह भविष्य का अंतिम निर्णय नहीं होती। परीक्षा का परिणाम यह तय नहीं करता कि आप जीवन में कितनी सफलता प्राप्त करेंगे, बल्कि आपकी मेहनत और निरंतर प्रयास ही सफलता का आधार होते हैं। उन्होंने कहा कि सफलता और असफलता जीवन का स्वाभाविक हिस्सा हैं और यह कभी स्थायी नहीं रहतीं। जरूरी यह है कि विद्यार्थी हर परिस्थिति में सीखते हुए आगे बढ़ें और खुद पर भरोसा बनाए रखें। पालक और शिक्षक बढ़ाएं बच्चों का मनोबल कलेक्टर ने कहा कि परीक्षा के दौरान पालकों और शिक्षकों की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण होती है। इस समय बच्चों का मनोबल बढ़ाना और उन्हें प्रोत्साहित करना जरूरी है, क्योंकि परीक्षा के दौरान बच्चे स्वाभाविक रूप से तनाव महसूस करते हैं। उन्होंने कहा कि बच्चों को यह समझाना चाहिए कि यह एक परीक्षा है और इसमें अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने का प्रयास करना चाहिए। यदि पूरा प्रयास किया जाए तो सफलता अवश्य मिलती है। साथ ही यह भी समझाना जरूरी है कि यदि कहीं कमी रह जाए, तो जीवन बहुत लंबा है और आगे अनेक अवसर मिलते हैं। तनाव मुक्त रहकर परीक्षा दें विद्यार्थी विद्यार्थियों को संदेश देते हुए कलेक्टर मीना ने कहा कि वे तनाव मुक्त, स्वस्थ और प्रसन्न मन से परीक्षाओं में शामिल हों। आत्मविश्वास बनाए रखें और शांत मन से प्रश्नपत्र हल करें। कलेक्टर ने अभिभावकों से अपील की कि वे बच्चों को तनाव मुक्त रखने में सहयोग करें और उनका हौसला बढ़ाते रहें। सकारात्मक माहौल बच्चों के प्रदर्शन को बेहतर बनाता है। नियमित काउंसिलिंग से मिलेगा सही मार्गदर्शन कलेक्टर सोनिया मीना ने कहा कि कक्षा 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं महत्वपूर्ण होती हैं, जिससे बच्चों में तनाव बढ़ जाता है। ऐसी स्थिति में बच्चों की नियमित काउंसिलिंग कर उन्हें उचित मार्गदर्शन देना चाहिए। यदि पढ़ाई या किसी अन्य विषय को लेकर कोई समस्या हो, तो बच्चों को इसे अपने माता-पिता, भाई-बहन, शिक्षकों या दोस्तों से अवश्य साझा करना चाहिए।

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