नर्मदापुरम में कंकर घाट के प्राकृतिक ढांचे से छेड़छाड़:ठेकेदार ने बिना अनुमति खोद दिया घाट, जांच करने पहुंचे अफसर

नर्मदापुरम में सर्किट हाउस के पीछे स्थित कंकर घाट पर चल रहे पिचिंग निर्माण कार्य को लेकर विवाद सामने आया है। आरोप है कि निर्माण के दौरान घाट के प्राकृतिक स्वरूप से छेड़छाड़ की जा रही है और बिना अनुमति के अवैध उत्खनन किया गया है। पिचिंग निर्माण का काम भोपाल की एससी नागपाल कंपनी द्वारा किया जा रहा है। आरोप है कि कंपनी ने कंकर घाट से पत्थर और बजरी मशीनों से खोदकर निकाली और उसी सामग्री का उपयोग पिचिंग और रोड फिलिंग में किया। खनिज विभाग से इस उत्खनन की कोई अनुमति नहीं ली गई। मंगलवार दोपहर में अवैध उत्खनन की खबर प्रकाशित होने के बाद जिला खनिज अधिकारी देवेश मरकाम, तहसीलदार सरिता मालवीय, खनिज निरीक्षक केके परस्ते और राजस्व टीम मौके पर जांच करने पहुंची। मौका स्थल पर टीम को अवैध उत्खनन बड़ी मात्रा में मिला है। खनिज अधिकारी ने कहा बिना अनुमति यह खनन हुआ है। जिसमें कार्रवाई की जाएगी। खनिज अधिकारी को दी शिकायत
इस मामले में भाजपा मंडल अध्यक्ष रूपेश राजपूत ने कड़ी आपत्ति जताई है। उन्होंने जिला खनिज अधिकारी को लिखित शिकायत दी है और ठेकेदार पर कार्रवाई की मांग की है। राजपूत ने बताया कि कंकर घाट का प्राकृतिक स्वरूप पत्थरों से बना है, जो बाढ़ के समय नर्मदा का पानी शहर में प्रवेश करने से रोकता है। ऐसे में घाट की खुदाई से शहर को खतरा हो सकता है। उत्खनन पर रोक लगाने की मांग की
भाजपा नेताओं का आरोप है कि शासन द्वारा नर्मदा नदी क्षेत्र में मशीनों से उत्खनन पर प्रतिबंध लगाया गया है, इसके बावजूद खुलेआम मशीनों से खुदाई की जा रही है। शिकायत के साथ अवैध उत्खनन के वीडियो और फोटो भी खनिज विभाग को सौंपे गए हैं। इस दौरान पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष अखिलेश खंडेलवाल, भाजपा पूर्व नगर मंत्री मनीष परदेशी और भाजयुमो मंडल अध्यक्ष सुंदरम अग्रवाल भी मौजूद रहे। ठेकेदार के बचाव में आएं ईई जल संसाधन विभाग द्वारा यह पिचिंग का निर्माण कराया जा रहा है। जिसका ठेका भोपाल के एचसी नागपाल एवं पुनीत नागपाल फर्म को मिला है। 500मीटर यह पिचिंग बन रही है। प्राकृतिक ढांचे से छेड़छाड़ कर हुए अवैध उत्खनन मामले में जल संसाधन विभाग के कार्यपालन यंत्री अंकित सराफ कार्रवाई करने के बजाय उल्टा ठेकेदार के बचाव में आ गए। उन्होंने कहा ठेकेदार द्वारा निकाली गई कंकर-बजरी कहीं बेची नहीं गई है, बल्कि निर्माण कार्य में ही उपयोग की गई है। उन्होंने इसे गंभीर मामला नहीं बताया। बिना अनुमति खनन, ठेकेदार पर करेंगे कार्रवाई जिला खनिज अधिकारी देवेश मरकाम ने कहा कि कंकर घाट पर किसी भी तरह के उत्खनन की अनुमति विभाग से नहीं ली गई है। नर्मदा नदी क्षेत्र में खनन के लिए अनुमति जरूरी होती है। उन्होंने बताया कि तहसीलदार के साथ मौके पर जाकर जांच की। मौके पर अवैध उत्खनन मिला है। ठेकेदार के खिलाफ मप्र खनिज अधिनियम के तहत कार्रवाई करेंगे। रास्ता बनाने उपयोग किया इस मामले में पिचिंग निर्माण कर रही कंपनी के के ठेकेदार सतीश नागपाल का कहना है कि हम 70किमी दूर से पत्थर लाकर पिचिंग में लगा रहे है। घाट तक नीचे उतारने का रास्ता ठीक नहीं है, इसलिए थोड़ा खनन कर, उसका रास्ता बनाने में उपयोग किया गया है।

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