नर्मदापुरम में किसान को यूरिया नहीं देना पड़ा भारी:खाद विक्रेता का लाइसेंस सस्पेंड; स्टॉक रजिस्टर और बिल बुक भी नहीं मिली

नर्मदापुरम जिले के इटारसी स्थित ग्राम रामपुर में एक खाद-बीज विक्रेता को किसान को यूरिया न देना महंगा पड़ गया। कृषि उप संचालक रविकांत सिंह ने बुधवार को मेसर्स कुशवाह फर्टिलाइजर का लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। निलंबन अवधि के दौरान फर्म द्वारा किसी भी तरह के उर्वरक की खरीदी-बिक्री पर पूरी तरह रोक रहेगी। कृषि विभाग के सहायक संचालक शैलेंद्र राठौर ने बताया कि एक सप्ताह पहले एक किसान ने शिकायत की थी। किसान का कहना था कि टोकन बुक होने के बावजूद कुशवाह फ़र्टिलाइज़र (इटारसी, नर्मदापुरम) द्वारा उसे खाद नहीं दी जा रही है। इस शिकायत पर कार्रवाई करते हुए 16 जनवरी को विभाग की टीम रामपुर स्थित उक्त फर्म पर जांच के लिए पहुंची। स्टॉक रजिस्टर और बिल बुक नदारद निरीक्षण के दौरान टीम ने पाया कि दुकानदार द्वारा ई-विकास पोर्टल के माध्यम से यूरिया नहीं दिया जा रहा था। इसके अलावा फर्म में कई अन्य अनियमितताएं भी मिलीं। वहां न तो स्टॉक सूची चस्पा थी और न ही लाइसेंस की कॉपी और स्टॉक रजिस्टर मौके पर मिला। जांच में बिल बुक के अंदर यूरिया विक्रय के बिल भी नहीं पाए गए। नोटिस का जवाब नहीं दिया तो की कार्रवाई इन अनियमितताओं को लेकर दुकान संचालक को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था, लेकिन 21 जनवरी तक उनकी ओर से कोई जवाब नहीं आया। किसान की शिकायत सही पाए जाने और नोटिस का जवाब न मिलने पर मेसर्स कुशवाह फर्टिलाइजर, रामपुर (इटारसी) का लाइसेंस निलंबित कर दिया गया। चेतावनी: ई-टोकन है तो खाद देना अनिवार्य सहायक संचालक राठौर ने स्पष्ट किया कि “ई-टोकन से उर्वरक बुक होने के बाद उर्वरक विक्रेता को उर्वरक देना अनिवार्य है। इस प्रकार की शिकायत आने पर संपूर्ण जिले में कार्रवाई की जाएगी।”

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