नर्मदापुरम के जनजातीय कार्य विभाग का एक क्लर्क रिश्वत मांगते हुए कैमरे में कैद हुआ है। लोकायुक्त ने उसे रंगे हाथों पकड़ा है, लेकिन उससे पहले ही उसका ‘डील’ करते हुए वीडियो सामने आ गया। क्लर्क अंतरजातीय विवाह योजना के तहत मिलने वाले 2 लाख रुपए दिलाने के एवज में आवेदक से 90 हजार रुपए (45% कमीशन) मांग रहा था। मामला जनजातीय कार्य विभाग के सहायक ग्रेड-2 क्लर्क मनोज सोनी से जुड़ा है। सिवनी मालवा निवासी आवेदक प्रवीण सोलंकी ने यह वीडियो बनाया है। 3 मिनट 3 सेकेंड के इस वीडियो में क्लर्क समझा रहा है कि फाइल बैक डेट में प्रोसेस होगी। वह कह रहा है- “20 हजार अभी खर्च करने पड़ेंगे, 70 हजार काम होने के बाद। मान लो 1 लाख तुम्हारे खर्च हो गए (रिश्वत में), तो भी तुम्हें 1 लाख रुपए तो बचेंगे ही।” देखिए तीन तस्वीरें… सुनिए… 3 मिनट के वीडियो में क्या बात हुई क्लर्क मनोज सोनी: विवाह तिथि से एक वर्ष की समय सीमा में आवेदन करना अनिवार्य है। इस अवधि के बाद प्रोत्साहन राशि की पात्रता स्वयं समाप्त हो जाएगी। आवेदक प्रवीण : देख लो ढाई लाख रुपए मिलना है, इसकी जगह मुझे 70 हजार ही मिल जाएगा, वो ही बहुत है। कुछ भी तो मिले। मेरे जो शादी में खर्च हुए, वो तो मिले। क्लर्क मनोज : ढाई नहीं, दो लाख रुपए मिलेंगे। अभी कंडीशन यह है कि हाल फिलहाल शुरुआत में तुम्हे 20हजार खर्च करने पड़ेंगे। मैं समझता हूं, आवेदन को बेग डेट में लेकर फाइल कमेटी के सामने रखूंगा। आगे की जब प्रक्रिया होगी, तब आगे की बात बताऊंगा। आवेदक प्रवीण: मेरे पास इतने होना तो चाहिए। जब तक खाते में राशि आएगी नहीं, तब तक मुझे ही खर्च पड़ेगा क्या? तब तक कितने खर्च हो जाएंगे। क्लर्क मनोज: हां वो तो है। 20 हजार रुपए अभी देने पड़ेंगे, 70 हजार बाद में। अभी पूरे एक लाख, 90हजार रुपए नहीं लगाना। जब प्रकरण स्वीकृत हो जाएगा तब हम बता देंगे कि आपके खाते में एक सप्ताह में रुपए आने वाले है। भुगतान होने के पहले आपको वो बचे 70हजार रुपए देने होंगे। आवेदन प्रवीण: 20हजार रुपए देने के लिए तो लोन उठाना पड़ेगा। लोन उठाकर ही दें सकता हूं। 20हजार, 70 हजार देने के बाद तो एक रुपए भी अतिरिक्त देने नहीं पड़ेंगे। पता चले कि ये भी लगे और बाद में देने भी पड़ें। ठीक है फिर चलता हूं, एक महीना लेट हो जाऊं तो चलेगा न। क्लर्क मनोज: नहीं लेट नहीं होना अब, जल्दी आवेदन करना पड़ेगा। इसमें हमारा कार्य यह रहेगा कि हम डी साहब से लेकर ओके कराएंगे। उसके बाद आपका कराएंगे तब तो हमें 70 हजार मिलेंगे। आपको 2 लाख रुपए मिलेंगे। मान लो 1 लाख आपके खर्च हो गए , तो भी तो एक लाख रुपए बचेंगें। 6 महीने घुमाया, ताकि डेट निकल जाए फरियादी प्रवीण सोलंकी ने बताया कि उसने अंतरजातीय विवाह किया था, जिसके लिए शासन से 2 लाख रुपए की प्रोत्साहन राशि मिलनी थी। वह 7 महीने से चक्कर काट रहा था। आरोप है कि बाबू मनोज सोनी ने जानबूझकर उसे टालता रहा ताकि आवेदन की समय सीमा (1 साल) निकल जाए। डेट निकलने के बाद उसने ‘बैक डेट’ में फाइल बनाने का झांसा देकर रिश्वत मांगी। फाइल में रुपए रखते ही लोकायुक्त ने दबोचा परेशान होकर प्रवीण ने लोकायुक्त एसपी से शिकायत की। योजना के तहत उसे केमिकल लगे नोट देकर भेजा गया। शाम को जैसे ही प्रवीण ने ऑफिस पहुंचकर फाइल के अंदर 20 हजार रुपए रखे और क्लर्क ने फाइल उठाई, लोकायुक्त की टीम ने उसे रंगे हाथों पकड़ लिया। बता दें कि नर्मदापुरम में एक हफ्ते के अंदर यह दूसरा बड़ा ट्रैप है। इससे पहले कृषि विभाग के उप संचालक भी धराए थे।


