नर्मदापुरम में दशहरे के दूसरे दिन शुक्रवार को शहर में दुर्गा प्रतिमाओं के विसर्जन का सिलसिला पूरे दिन भर चलता रहा। दोपहर से ही विभिन्न चल समारोहों के माध्यम से श्रद्धालु प्रतिमाएं लेकर हर्बल पार्क स्थित कृत्रिम विसर्जन कुंड और सेठानी घाट पहुंचने लगे। यह क्रम रात 2 बजे तक जारी रहा। हर्बल पार्क में किया गया सुरक्षित विसर्जन नगर प्रशासन द्वारा बनाए गए कृत्रिम कुंड में प्रतिमाओं का क्रेन की मदद से सुरक्षित विसर्जन किया गया। यहां सुरक्षा के लिए पुलिस, होमगार्ड और नगर पालिका के कर्मचारी तैनात रहे। व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए राजस्व विभाग की टीम भी मौके पर मौजूद रही। सेठानी घाट पर भी उमड़ा श्रद्धालुओं का हुजूम सेठानी घाट पर भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु मां दुर्गा और शिव प्रतिमाओं को विदा करने पहुंचे। यहां कोई रोक नहीं थी, लोग उत्सव समिति के साथ खुद ही प्रतिमाएं नदी में विसर्जित करते नजर आए। भारी-भरकम प्रतिमाएं श्रद्धालु खुद पानी में ले जाकर विसर्जित कर रहे थे। सुरक्षा के लिहाज से यहां भी पुलिस बल और होमगार्ड तैनात थे। नाचते-गाते चल समारोह में शामिल हुए श्रद्धालु गुरुवार से ही श्रद्धालु ढोल-ढमाकों, डीजे और बैंड के साथ नाचते-गाते चल समारोह निकाल रहे हैं। जगह-जगह मां दुर्गा की झांकियां आकर्षण का केंद्र बनी रहीं। श्रद्धालुओं ने भक्तिभाव के साथ मां भगवती और शिव प्रतिमाओं को भावुक विदाई दी। कृत्रिम कुंड और घाट दोनों ही स्थानों पर प्रशासन की ओर से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। भीड़ को देखते हुए यातायात व्यवस्था भी संभाली गई थी, जिससे कहीं कोई अव्यवस्था या हादसा नहीं हुआ।


