नर्मदापुरम जिले के ग्राम गोंदलवाड़ा में गांव की नाली का गंदा पानी खेत में भरने से एक किसान की गेहूं की फसल बर्बाद हो रही है। परेशान किसान वरुण मेहरा ने समस्या के समाधान के लिए एक महीने में तीसरी बार मंगलवार को अधिकारियों से गुहार लगाई, लेकिन उन्हें यह कहकर लौटा दिया गया कि पटवारी खेत पर पहुंच रहे हैं। बुधवार तक न तो पटवारी पहुंचे और न ही पंचायत सचिव। इससे नाराज होकर किसान ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर प्रशासन के ढीले रवैए की पोल खोली है। अफसर बोले- खेत पहुंचिए, पर कोई नहीं आया
किसान वरुण मेहरा मंगलवार को जिला मुख्यालय पर अधिकारियों के पास अपनी समस्या लेकर पहुंचे थे। वहां जिम्मेदारों ने उन्हें आश्वासन दिया कि आप अपने खेत पहुंचिए, पटवारी वहां पहुंच रहे हैं। किसान दिनभर इंतजार करता रहा, लेकिन उसके खेत पर न तो पटवारी आए और न ही सचिव। प्रशासन की इस वादाखिलाफी से परेशान होकर किसान ने बुधवार को वीडियो के जरिए अपना दर्द बयां किया। 2 एकड़ में लगी फसल पीली पड़ी, खेत बना कीचड़
किसान ने बताया कि उसका खेत गांव से लगा हुआ है। गांव में पानी निकासी की कोई व्यवस्था नहीं है, जिसके चलते सड़क से बहता हुआ गंदा पानी सीधे उसके खेतों में जमा हो रहा है। उसने दो एकड़ में गेहूं की फसल लगाई है। वीडियो में किसान ने दिखाया कि पिछले एक महीने से धीरे-धीरे पानी भरने के कारण खेत का बड़ा हिस्सा कीचड़ में तब्दील हो गया है और गेहूं की फसल पीली पड़कर खराब हो गई है। 3 दिसंबर को की थी पहली शिकायत, 30 हजार का नुकसान
वरुण मेहरा ने बताया कि उन्होंने सबसे पहले 3 दिसंबर को माखननगर तहसील, ग्राम पंचायत और जनसुनवाई में लिखित शिकायत की थी। आवेदन में स्पष्ट लिखा था कि गंदे पानी की निकासी न होने से फसल खराब हो रही है, इसलिए व्यवस्था सुधारी जाए। बावजूद इसके किसी ने ध्यान नहीं दिया। किसान के मुताबिक, अधिकारियों की लापरवाही के कारण उसे अब तक करीब 30 हजार रुपए का आर्थिक नुकसान हो चुका है।


