झाबुआ, पेटलावद, थांदला, सरदारपुर माइक्रो इरिगेशन परियोजना में नर्मदा का पानी पहुंचाने का काम अंतिम चरण में चल रहा है। अभी निर्माण एजेंसी नेशनल हाईवे और फोरलेन पर कंपनी के कर्मचारी सुरंग बनाकर पाइप डाल रहे हैं। ताकि रोड को तोड़ना न पड़े और यातायात प्रभावित न हो। जेट पुशिंग के माध्यम से पाइप लाइन डालने का कार्य चल रहा है। साइड इंचार्ज शुभम त्रिवेदी बताया कि नर्मदा परियोजना की पाइप लाइन लगभग जिले भर में बिछाई गई है। इसके साथ ही कुछ क्षेत्रों में बची हुई पर कंपनी तेजी से कार्य कर रही है। ऐसे में हाईवे और नेशनल हाईवे में जेट पुशिंग के माध्यम से कार्य शुरू किया गया है। पहाड़ पर बनी टंकी का पानी पाइप लाइन से देवझिरी होते हुए नेशनल हाइवे को पार कर करेगा। जहां यातायात को प्रभावित करें बगैर पाइप लाइन डालने का काम शुरू कर दिया गया है। जिसमें रोड के एक छोर पर करीब 20 फीट से अधिक का गड्ढा कर उसमें 1850 एमएम का पाइप जेट पुशिंग कर डाला जा रहा है। 1.8 घन मीटर के पाइप से सुरंग बनाते हुए करीब 30 मीटर लंबे रोड को रोड के नीचे से पार किया जाएगा। जमीन अधिक हार्ड होने से प्रक्रिया में करीब एक माह से अधिक का समय लगेगा। इसके साथ ही बैतूल–अहमदाबाद फोरलेन में कालीदेवी के समीप भी इसी तरह की तकनीक अपनाई जाएगी। 193 गांवों को मिलेगा पानी इस परियोजना से झाबुआ की 32 हजार हेक्टेयर भूमि को सिंचित करने की योजना है। सभी टंकियां पहाड़ की चोटी पर बनाई गई है। इस परियोजना से जिले की 4 तहसीलों के 193 गांवों को पानी मिलेगा। नर्मदा का पानी आने के बाद जिले में सिंचाई का रकबा दोगुना तक हो जाएगा। पहाड़ से मुख्य लाइन के 2.12 मीटर चौड़े पाइप सतह तक डाले जा चुके हैं। कुल 360 किलोमीटर की पाइप लाइन बिछाई है। मुख्य लाइन 260 किमी की होगी। धार जिले के चंदनखेड़ी में पंपिंग स्टेशन बनाया है। झाबुआ की 4 तहसीलों के अलावा धार जिले की सरदारपुर तहसील के 66 गांवों में भी योजना का पानी जाएगा।


