प्रदेश सरकार ने नर्सिंग काउंसिल के चेयरमैन डॉ. जितेश शुक्ला और रजिस्ट्रार अनीता को हटाने के लिए एक दिन की मोहलत मांगी है। गुरुवार को लॉ स्टूडेंट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष विशाल बघेल की जनहित याचिका समेत अन्य नर्सिंग मामलों की सुनवाई करते हुए कोर्ट ने आदेश की पालना नहीं होने पर नाराजगी जाहिर की। दरअसल, याचिकाकर्ता की ओर से बताया गया कि हाई कोर्ट ने 12 दिसंबर को चेयरमैन और रजिस्ट्रार को तत्काल हटाने के निर्देश दिए थे। लेकिन आदेश का पालन नहीं करते हुए मुख्य सचिव और प्रमुख सचिव दोषी अधिकारियों को संरक्षण दे रहे हैं। सरकार और नर्सिंग काउंसिल की ओर से महाधिवक्ता प्रशांत सिंह ने आवेदन पेश कर चेयरमैन और रजिस्ट्रार को तत्काल हटाने के निर्देश में संशोधन की मांग की। कोर्ट से अनुमति मांगी गई कि सत्र 2024-25 की प्रक्रिया पूर्ण होने तक अधिकारियों को पदस्थ रखने दिया जाए। इस पर हाई कोर्ट ने इस पर नाराजगी व्यक्त की। मौखिक रूप से कहा कि पूर्व की गड़बड़ियों में लिप्त अधिकारियों को काउंसिल में पदस्थ नहीं रखा जा सकता है। इसके बाद सरकार ने आवेदन वापस ले लिया।


