नर्सिंग स्टाफ का नियमितीकरण 18 महीने से लंबित:दतिया मेडिकल कॉलेज में डीन पर अनदेखी के आरोप; CM हेल्पलाइन पर 80 शिकायतें

दतिया में मेडिकल कॉलेज के नर्सिंग स्टाफ ने 18 महीने से जारी परीविक्षा अवधि और नियमितीकरण के मामले में डीन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। स्टाफ का कहना है कि उन्हें समय पर नियमित किया जाना चाहिए था, लेकिन प्रबंधन लगातार टालमटोल कर रहा है। वे लगातार 18 महीनों से डीन के कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं, फिर भी उनकी नियमित नियुक्ति नहीं हो रही है। इससे न सिर्फ उनकी नौकरी अस्थिर हुई है, बल्कि वे मानसिक और आर्थिक रूप से भी टूटते जा रहे हैं। कहा- शिकायतों को गंभीरता से नहीं ले रहे
नर्सिंग स्टाफ ने आरोप लगाया कि डीन उनकी शिकायतों को गंभीरता से लेने को तैयार नहीं हैं और न ही उन्होंने किसी भी तरह की स्पष्ट जानकारी दी कि उनकी परीविक्षा अवधि कब पूरी होगी। उनका कहना है कि डीन के पास इस मामले में कोई स्पष्ट जवाब नहीं है और यही अनिश्चितता उन्हें लगातार परेशान कर रही है। कई स्टाफ के ऊपर लोन चल रहा है और कई लोग बाहर से आकर रह रहे हैं, जिनका खर्चा भी चल नहीं पा रहा है। वे बताते हैं कि वे 18 महीने से 100 फीसदी वेतन के साथ नियमितीकरण की मांग कर रहे हैं, लेकिन डीन उनकी बात सुनने तक को तैयार नहीं हैं। नया डीन आने के बाद प्रक्रिया ठप
नर्सिंग स्टाफ ने यह भी कहा कि उनकी ज्वाइनिंग पुराने डीन के समय हुई थी और उसी समय उन्हें नियमित करने की प्रक्रिया शुरू होनी थी। लेकिन नए डीन के आने के बाद यह प्रक्रिया ठप पड़ गई है। स्टाफ ने बताया कि उन्होंने कई बार डीन को पत्र और मौखिक रूप से अनुरोध किया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। डीन उनसे कहते हैं कि पुराने डीन ने उनकी नियुक्ति की थी वही उनका नियमितीकरण भी करेंगे। यही कारण है कि उन्होंने अपनी आवाज उठाते हुए सीएम हेल्पलाइन पर 80 से ज्यादा शिकायतें दर्ज कराई हैं, ताकि उनकी समस्या पर प्रशासनिक स्तर पर ध्यान दिया जाए। अब नर्सिंग स्टाफ ने चेतावनी दी है कि अगर उनकी नियमितीकरण की मांग पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे कलेक्टर और स्वास्थ्य मंत्री को भी ज्ञापन सौंपेंगे।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *