खैरथल-तिजारा जिले के मातौर स्थित बहुचर्चित नवअंश इंडिया निधि लिमिटेड धोखाधड़ी प्रकरण में पुलिस को एक और सफलता मिली है। संगठित अपराध और बड्स एक्ट सहित गंभीर धाराओं में वांछित चल रहे आरोपी नरेश उर्फ नरेंद्र को गिरफ्तार कर लिया गया है। यह कार्रवाई महानिरीक्षक पुलिस जयपुर रेंज एचजी राघवेन्द्र सुहास और खैरथल-तिजारा पुलिस अधीक्षक मनीष कुमार के निर्देशन में की गई। संचालक लोगों की जमा राशि गबन कर फरार हुए यह मामला खैरथल थाने में 29 सितंबर 2025 को दर्ज किया गया था। शिकायत के अनुसार, नवअंश इंडिया निधि लिमिटेड (मातौर) के संचालकों ने आम जनता से जमा राशि का गबन कर लिया और फरार हो गए। इस प्रकरण में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के साथ-साथ इनामी चिट फंड एवं धन परिचालन (पाबंदी) अधिनियम 1978 और अनियमित जमा योजना प्रतिबंध अधिनियम 2019 की धाराएं भी लागू की गई हैं। प्राथमिक जांच में सामने आया कि दाताराम,नरेश चौधरी,सतपाल,पूर्ण,उमराव,जयपाल और अन्य लोगों ने कंपनी के माध्यम से धन एकत्र किया। इसके बाद वे निवेशकों की राशि लौटाए बिना फरार हो गए। मुखबिर की सूचना पर की गिरफ्तारी फरार आरोपियों की तलाश के लिए पुलिस ने मुखबिर तंत्र और साइबर सेल की तकनीकी सहायता से उनके रिश्तेदारों, संभावित ठिकानों और निवास स्थलों पर लगातार निगरानी रखी। आरोपी के किशनगढ़बास क्षेत्र में देखे जाने की सूचना मिलने पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जया सिंह के नेतृत्व में एक विशेष टीम ने सुबह से ही इलाके में निगरानी शुरू कर दी। जैसे ही आरोपी अलवर-भिवाड़ी बाइपास पर दिखाई दिया, पुलिस टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उसे हिरासत में ले लिया। इसके बाद आरोपी को खैरथल थाने लाया गया। आरोपी नरेश कुमार उर्फ नरेंद्र पुत्र उदयसिंह जाट (44 वर्ष, निवासी झरियाना, थाना खैरथल, वर्तमान पता आनंद नगर कॉलोनी, खैरथल) के विरुद्ध धारा 314, 316(5), 318(4), 61(2), 111 BNS सहित इनामी चिटफंड व धन परिचालन स्कीम (पाबंदी) अधिनियम 1978 और अनियमित जमा योजना प्रतिबंध अधिनियम 2019 के तहत अपराध प्रमाणित पाए गए। उसे विधिवत गिरफ्तार कर लिया गया है। फिलहाल, आरोपी से प्रकरण और इसमें शामिल अन्य आरोपियों के संबंध में गहन पूछताछ की जा रही है। अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी है। पुलिस टीम में सहायक उप निरीक्षक विजयसिंह, कॉन्स्टेबल मनोज और कॉन्स्टेबल महेंद्रसिंह शामिल रहे।


