घर से भागकर लौटे नाबालिग बच्चों को सबसे ज्यादा कठिनाई उन सवालों और तानों से होती है। चारों तरफ की आलोचना उन्हें दोबारा भटका सकती है। इसी को ध्यान में रखते हुए उज्जैन पुलिस एक अनोखी पहल नवजीवन अभियान चलाएगी, जिसका मकसद सिर्फ बच्चों को घर पहुंचाना नहीं, बल्कि नया जीवन और सुरक्षित माहौल देना भी है। 1 से 30 नवंबर तक चलाए गए मुस्कान अभियान में उज्जैन पुलिस ने 263 लापता बच्चों को ढूंढ़कर उनके परिवारों से मिलाया। इन सभी बच्चों को पुलिस लाइन स्थित लर्निंग सेंटर पर माता-पिता के साथ बुलवाया गया। मंगलवार को 120 बच्चे अपने परिवारों के साथ पहुंचे। यहां आईजी, डीआईजी, एसपी, एएसपी और सीएसपी सहित रेंज के वरिष्ठ अधिकारी बच्चों के बीच बैठे, उनके नाम पूछे, चाय-नाश्ता करवाया और उनकी समस्याएं सुनीं। एक गलती पूरे जीवन काे प्रभावित नहीं करती इन बच्चों काे स्कूल और मैदान में वापस लाएंगे
इन बच्चों को फिर स्कूल और मैदान से जोड़ने की पहल की गई है। उज्जैन की एक बॉक्सिंग करने वाली बच्ची घर से भागने के बाद मैदान नहीं जा रही थी। अधिकारियों ने उसके माता-पिता और क्लब अध्यक्ष से बात कर दोबारा अभ्यास शुरू कराया। इंगोरिया का एक बच्चा भी घर लौटने के बाद स्कूल नहीं जा रहा था, डीईओ ने उसकी पढ़ाई फिर शुरू कराई। इसी तरह, 8वीं पास एक लड़के की पढ़ाई भी दोबारा शुरू कराई जाएगी। वहीं 17 वर्षीय लड़की अपने परिवार के साथ खुश है।


