रायसेन जिले के विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल सांची स्तूप और विभिन्न धार्मिक स्थलों पर नववर्ष 2026 के पहले दिन भारी भीड़ उमड़ी। गुरुवार सुबह से ही भोजपुर शिव मंदिर, बरेली स्थित छींद धाम और कंकाली धाम सहित अन्य मंदिरों में श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना कर नववर्ष की शुरुआत की। ऐतिहासिक सांची स्तूप में नववर्ष का उत्साह चरम पर देखा गया। दोपहर 3 बजे तक लगभग 15,000 पर्यटक सांची स्तूप पहुंच चुके थे, जिससे परिसर में मेले जैसा माहौल बन गया। देश के विभिन्न हिस्सों से सैलानी पहुंचे
भगवान बुद्ध की पावन स्थली सांची में सुबह से ही पर्यटकों का तांता लगा रहा। विदिशा, रायसेन, भोपाल, इंदौर सहित प्रदेश और देश के विभिन्न हिस्सों से हजारों सैलानी यहां पहुंचे। पर्यटकों ने स्तूप परिसर में टिफिन पार्टी का आनंद लिया, सेल्फी और फोटोग्राफी की, तथा नए साल का जश्न मनाया। पर्यटकों की भारी भीड़ के कारण स्तूप पहाड़ी की ओर जाने वाले मार्ग पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। स्थिति को देखते हुए कई वाहनों को पार्किंग स्थल से नीचे ही रोक दिया गया, जिसके चलते अधिकांश पर्यटकों को स्तूप पहाड़ी तक पैदल ही जाना पड़ा। टिकट खिड़की पर भी लंबी कतारें देखी गईं। स्तूप कर्मचारियों के अनुसार, गुरुवार को लगभग 15 हजार पर्यटकों ने सांची स्तूप का भ्रमण किया। नववर्ष के अवसर पर पुलिस और प्रशासन द्वारा विशेष व्यवस्थाएं की गई थीं, जिसके कारण किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या अप्रिय घटना सामने नहीं आई। इस प्रकार, नववर्ष 2026 के स्वागत में सांची स्तूप में उत्साह, श्रद्धा और पर्यटन का एक अनूठा संगम देखने को मिला।


