शाजापुर के कोतवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत विराट सिटी में एक नवविवाहिता की मौत के मामले में पुलिस ने शुक्रवार शाम को जांच के बाद प्रकरण दर्ज कर लिया है। 12 दिसंबर को किराए के मकान में नवविवाहिता का शव फांसी के फंदे पर मिला था। कोतवाली थाना पुलिस ने शुक्रवार शाम को मृतका के पति और सास के खिलाफ दहेज प्रताड़ना व दहेज मृत्यु से संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया है। कोतवाली थाना प्रभारी संतोष वाघेला ने बताया कि 12 दिसंबर को दीक्षा पटेल (31 वर्ष) ने अपने किराए के मकान के कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। दीक्षा पटेल कुलदीप पटेल की पत्नी थीं और विराट सिटी, शाजापुर में रहती थीं। मृतका के पिता सुनील वर्मा, जो सीहोर जिले के ग्राम मेना के निवासी हैं, की सूचना पर कोतवाली थाने में मर्ग कायम कर जांच शुरू की गई थी। दहेज में कार न मिलने पर प्रताड़ना के आरोप मर्ग जांच के दौरान मृतका के परिजनों के बयान दर्ज किए गए, जिसमें गंभीर आरोप सामने आए। परिजनों ने बताया कि शादी के समय दहेज में कार नहीं देने को लेकर ससुराल पक्ष दीक्षा को लगातार परेशान करता था। उनके अनुसार, पति कुलदीप पटेल, जो यूनियन बैंक बोलाई शाखा में कार्यरत हैं, शराब पीकर दीक्षा के साथ मारपीट करते थे। शाजापुर में किराए के मकान में रहने के दौरान भी दीक्षा को दहेज की मांग को लेकर मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जाता था। प्रताड़ना से तंग आकर विवाहिता ने की आत्महत्या पुलिस जांच में यह सामने आया कि इन्हीं प्रताड़नाओं से तंग आकर दीक्षा ने 12 दिसंबर को अपने कमरे में छत के लोहे के एंगल से रस्सी व दुपट्टे का फंदा बनाकर आत्महत्या कर ली। जांच के आधार पर पुलिस ने पति कुलदीप पटेल (पिता कल्याणसिंह) और सास गायत्रीबाई (पति कल्याणसिंह) के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 80(2), 85, 3(5) बीएनएस और दहेज प्रतिषेध अधिनियम के तहत अपराध पंजीबद्ध किया है। पुलिस ने बताया कि मामले की विवेचना जारी है और आगे आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।


