नव वर्ष के अवसर पर रांची नगर निगम ने शहर को हरित, सुंदर एवं पर्यावरण संतुलित बनाने की दिशा में एक विशेष पहल की है। शहर को अधिक हरा-भरा एवं आकर्षक स्वरूप प्रदान करने के लिए नगर निगम क्षेत्र के विभिन्न वार्डों में कुल 24 स्थानों पर ग्रीन पैच विकसित करने का कार्य प्रारंभ कर दिया गया है। इसके अंतर्गत शहर के प्रमुख चौराहों, भूखंडों, सड़क के डिवाइडरों के बीच एवं खाली पड़ी भूमि का सदुपयोग करते हुए हरित क्षेत्र विकसित किए जा रहे हैं। निगम प्रशासक सुशांत गौरव ने टीम के साथ मेकॉन एवं डोरंडा में स्थल निरीक्षण किया। इस दौरान मेकॉन चौक से एजी मोड़ तक तथा डोरंडा स्थित निर्मला कॉलेज के समीप किए जा रहे ग्रीन पैच डेवलपमेंट कार्य की प्रगति का जायजा लिया। निर्मला कॉलेज के समीप क्षेत्र को अतिक्रमण मुक्त कर स्थानीय नागरिकों की सुविधा हेतु ग्रीन पैच विकसित करने का कार्य प्रारंभ किया गया है। प्रशासक द्वारा संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि स्थल पर आकर्षक एवं उपयुक्त पेड़-पौधे रोपे जाएं। स्थानीय निवासियों के लिए व्यवस्थित पाथवे विकसित किया जाए तथा दीवारों पर सुंदर पेंटिंग का गुणवत्तापूर्ण कार्य हो। हरमू चौक से मुक्तिधाम, कचहरी रोड पर रांची विश्वविद्यालय मुख्यालय के बाउंड्री वॉल, कचहरी स्थित एसबीआई के समक्ष, एदलहातु, अल्बर्ट एक्का चौक स्थित जय हिंद फार्मा के समक्ष, बिरसा चौक, हरमू हाउसिंग कॉलोनी पटेल चौक, जज कॉलोनी कांके रोड, मछली घर की बाउंड्री के पास, पुलिस लाइन कांके रोड के पास, चुटिया गोसाईं टोला, खेलगांव चौक, बिजली ऑफिस, बहु बाजार, सिरम टोली, दीपाटोली सुरेंद्रनाथ स्कूल के पास, मेकॉन चौक, डोरंडा में निर्मला कॉलेज के पास समेत अन्य स्थानों पर ग्रीन पैच डेवलप किए जा रहे हैं। निगम प्रशासक सुशांत गौरव के नेतृत्व में शहर के समग्र एवं सतत विकास को गति देने हेतु विभिन्न विकास योजनाओं को धरातल पर उतारने की दिशा में ठोस पहल की जा रही है। बुधवार को प्रशासक की अध्यक्षता में निगम के वरीय पदाधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की गई। जिसमें एदलहातु, बहुबाजार, कर्बला चौक, नागा बाबा चौक, आईटीआई बस स्टैंड, तुपुदाना वार्ड कार्यालय सहित निगम की अन्य भूमि पर प्रस्तावित विकास योजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र धरातल पर उतारने पर विशेष जोर दिया गया। निरीक्षण के दौरान प्रगतिरत परियोजनाओं की भी विस्तृत समीक्षा की गई तथा उनके त्वरित क्रियान्वयन को लेकर आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए। विभिन्न प्रमुख संरचनाओं एवं परियोजनाओं के लिए सहायक प्रशासकों, नगर प्रबंधकों एवं अन्य पदाधिकारियों की अलग-अलग टीमों का गठन किया गया।


