नशा उन्मूलन केंद्र पहुंचे नोडल को वहां की दवा बाहर​ मरीज की जेब में मिली

हेल्थ रिपोर्टर | भिलाई लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल में संचालित नशा उन्मूलन केंद्र (ओएसटी) की शिफ्टिंग को लेकर विवाद नहीं सुलझ रहा। इसे सुलझाने शनिवार को सुपेला अस्पताल पहुंचे राज्य एड्स नियंत्रण समिति के अतिरिक्त परियोजना संचालक डॉ. खेमराज सोनवानी के सामने एक नया विवाद खड़ा हो गया। दरअसल ​अस्पताल के अंदर बंद कमरे में वे डॉक्टरों से बात कर रहे थे। इसी बीच बाहर सेंटर शिफ्ट करने की मांग करने वाले स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने ओएसटी सेंटर से नशा छुड़ाने की दवा ले रहे एक 15 वर्षीय बच्चे को परिसर में दवा व लिक्विड फार्म में एक और दवा के साथ पकड़ लिया। चूंकि नशा छुड़ाने के लिए दी जाने वाली दवा केंद्र में ही संबंधित को अपने सामने देने और दवा खाने के बाद सेंटर से निकलने देने का नियम है। यही नहीं उस दवा को किसी भी मरीज के हाथ में देना कानूनी नजरिए व ओएसटी सेंटर के नियम के भी विरुद्ध है। इसलिए जनप्रतिनिधि दवा के साथ उस बच्चे को लेकर डॉ. सोनवानी के पास पहुंच गए और इसी आधार पर सेंटर को शहर से बाहर करने की मांग शुरू कर दी। डॉ. सोनवानी ने नियमानुसार कार्यवाही का भरोसा देकर सबको शांत कराया। इस तरह सुपेला अस्पताल से न​शा उन्मूलन केंद्र कहीं शिफ्ट करने को लेकर खड़ा विवाद खत्म नहीं हुआ। अभी भी मामले के तीन पक्षकारों में एक सेंटर के प्रभारी डॉ. मुनीष भगत इमरजेंसी जरूरत व स्टॉफ की सुरक्षा का हवाला देकर सेंटर परिसर में ही संचालित रखना चाह रहे हैं। दूसरे पक्ष से प्रभारी सुपेला डॉ. पियम सिंह सेंटर को बगल के भवन में या छावनी भेजना चाहते हैं। वहीं क्षेत्रीय जनता व उसके प्रतिनिधि ओएसटी सेंटर को शहर से बाहर चलाने की मांग कर रहे।

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