नशे में गाड़ी चलाने वालों पर पुलिस की सख्ती बढ़ा दी है। खासतौर पर हर वीकएंड यानी शनिवार-रविवार को चेक पोस्ट लगाकर जांच की जा रही है। युवाओं की टोली अक्सर नवा रायपुर जाकर हाई स्पीड गाड़ी चलाने के साथ स्टंट करती है। इस वजह से नवा रायपुर आने जाने वाले रास्तों पर विशेष फोकस किया जा रहा है। इस वीकएंड पर वीआईपी टर्निंग, फुंडहर चौक एवं अटल नगर में बेरिकेडिंग कर संदिग्ध वाहन चालकों की जांच की गई। इस दौरान कार चालक नशे में मिले। उनके खिलाफ चालानी कार्रवाई करने के साथ ही लाइसेंस भी निलंबित कर दिए गए हैं। अफसरों ने बताया कि पिछले पांच माह में 732 शराबी वाहन चालकों पर कार्यवाही की जा चुकी है। इनके वाहनों को भी जब्त किया गया था। बाद में कोर्ट के आदेश पर 10-10 हजार रुपए का जुर्माना लेकर उन्हें छोड़ा गया। इन सभी वाहन चालकों के लाइसेंस निलंबित करने की अनुशंसा की जा चुकी है। पुलिस की टीम प्रमुख चौराहों पर 11 से 2 बजे तक बेरिकेडिंग कर गाड़ियों की जांच कर रही है। मोटरयान अधिनियम की धारा 185 के तहत यह कार्यवाही की जा रही है। शराबी वाहन चालकों पर यह कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। इनके लाइसेंस किए गए निलंबित
लक्ष्य साहू, मुकेश यादव, अंशुल, मुकेश कुमार, विपुल चंद्र, पुष्कल सिंह, अनिल बंजारे, विक्की डेंगवानी, मलयज अग्रवाल, लिखिल टांडी, जागेश्वर धीवर, सागर, सुनील कुमार, संजय तिवारी, विदित शाह, राजेश वर्मा, अजय सिंह, रूपेश यादव, नयन सचदेव, सिमोन मसीह, आलोक कुमार यदु, दिनेश निराला , राजू मेहबाने, तिलक साहू, शुभम साहू, भूपेश, अंकित सिंह, विकास राव, नेतराम यादव। एक से तीन माह तक का होता है निलंबन लाइसेंस निलंबन की अवधि एक से तीन माह तक की होती है। इस दौरान ड्राइवर को गाड़ी चलाने का कोई अधिकार नहीं होता है। निलंबित लाइसेंस के साथ गाड़ी चलाने पर जुर्माना और जेल भी हो सकती है। क्योंकि निलंबित लाइसेंस के साथ गाड़ी चलाना गैरकानूनी है। निलंबन अवधि खत्म होने के बाद लाइसेंस स्वतः यानी फिर से बहाल नहीं हो सकता है। इसके लिए एक शासकीय प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है। इसमें ड्राइविंग टेस्ट के साथ ही बाकी प्रक्रिया पूरी होती है। इसके बाद ही निलंबन खत्म किया जाता है।


