पश्चिमी अफ्रीका के नाइजर में गिरिडीह के बगोदर के रहने वाले 5 मजदूरों का अपहरण कर लिया गया है। सभी 15 महीने पहले केपीटीएल ट्रांसमिशन कंपनी में काम करते थे। जिन मजदूरों के अपहरण की बात कही जा ही है उनमें दोंदलो पंचायत के संजय महतो, चंद्रिका महतो, राजू महतो, फलजीत महतो और मुंडरो के उत्तम महतो शामिल हैं। सभी जनवरी 2024 में नाइजर गए थे। कैसे घटी है पूरी घटना कंपनी में काम करने वाले अन्य मजदूरों ने बताया कि हमले के दौरान पांचों भारतीय मजदूरों ने अपराधियों के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। अपहरण के 48 घंटे बाद भी मजदूरों का कोई सुराग नहीं मिला है। इधर, बगोदर के पूर्व विधायक विनोद कुमार सिंह ने पीड़ित परिवारों से मुलाकात की है। उन्होंने मजदूरों की सुरक्षित वापसी का आश्वासन दिया है। साथ ही झारखंड सरकार के श्रम विभाग और वरिष्ठ अधिकारियों से मामले में तत्काल कार्रवाई की मांग की है। जहां करते थे काम, वह अशांत क्षेत्र बगोदर एसडीएम नरेंद्र गुप्ता ने कहा कि वेस्ट अफ्रीकन देश के नाइजर में काम के दौरान आतंकी हमला हुआ है। जिसके बाद बगोदर के पांच लोग गायब हैं। अभी ये लोग मिले नहीं हैं। जिस कंपनी में ये लोग काम करते थे वह भी अपने स्तर से तलाश कर रही है। एसडीएम ने कहा कि गिरिडीह से जो अन्य लोग नाइजर में हैं। वे भी कंपनी के साथ मिलकर स्थानीय स्तर से सभी चीजों का पता कर रही है। उन्होंने कहा कि जिस इलाके में ये लोग काम करते थे, वह इलाका अशांत क्षेत्र है। प्रवासी सेल को सूचना दी गई है। हमलोग सभी की सकुशल वापसी के लिए प्रयास कर रहे हैं। कंपनी के मुंबई ऑफिस में भी हुई बात पूर्व विधायक विनोद सिंह ने कहा कि हमने लापता हुए लोगों के परिजनों से मिलकर घटना जानकारी ली है। केपीटीएल कंपनी के अंतर्गत वे सभी मजदूर काम करते थे। वहां उनके मुंबई कार्यालय के प्रतिनिधियों से भी बात हुई है। साथ ही झारखंड के जो प्रवासी सेल खुला है, वहां भी मैने घटना की सूचना दी है। मजदूरों का नाम पता दिया है। साथ ही उन्होंने कहा कि हम सभी चाहते है कि झारखंड सरकार और केंद्र सरकार दूतावास के माध्यम से जो पांच श्रमिक लापता हुए हैं उनकी घर वापसी कराए।


