नाइट ड्यूटी के बाद फैक्ट्री में कर रहा था काम, मशीन की चपेट में आने से हुई मौत

जानकारी के अनुसार, रंजीत कुमार फैक्ट्री में बीसीएम ऑपरेटर के पद पर कार्यरत था और पिछले करीब 10 वर्षों से इसी फैक्ट्री में काम कर रहा था। वह मूल रूप से बिहार के सिवान जिले के गांव बिलासपुर का रहने वाला था। उसका परिवार गांव में रहता है, जबकि रंजीत लुधियाना में अकेले रहकर काम करता था। वह अपने पीछे तीन बेटियां और एक बेटा छोड़ गया है। सूचना मिलते ही पुलिस के आला अधिकारी मौके पर पहुंचे और धर ने पर बैठे मजदूरों से बातचीत कर स्थिति को शांत कराया। पुलिस ने मृतक के परिजनों को हादसे की जानकारी दी और फैक्ट्री प्रबंधन से बातचीत करवाई। इसके बाद हैप्पी फोर्जिंग के फैक्ट्री मालिक अश्वनी गर्ग की ओर से मुआवजा देने का आश्वासन दिया गया, जिसके बाद 12 बजे मजदूरों ने धरना समाप्त कर दिया। फैक्ट्री के मालिक अश्वनी गर्ग का कहना था की हमारी तरफ से परिवार को हर तरीके का समर्थन दिया जाएगा और सारी मांगे मान ली गई हैं। इस मामले में एसीपी हरजिंदर गिल ने बताया कि फैक्ट्री में मशीन से हादसे की सूचना मिली थी। परिजनों की सहमति से शव का पोस्टमार्टम करवाया गया है। परिजनों के बयान के आधार पर पुलिस ने धारा 174 के तहत कार्रवाई शुरू कर दी है। भास्कर न्यूज|लुधियाना कंगनवाल इलाके में स्थित एक प्राइवेट फैक्ट्री में वीरवार सुबह बड़ा हादसा हो गया। काम के दौरान एक वर्कर की मशीन में फंसने से मौत हो गई। मृतक की पहचान 35 वर्षीय रंजीत कुमार के रूप में हुई है। हादसा सुबह करीब 7 बजे हुआ। बताया गया है कि रंजीत नाइट ड्यूटी के बाद फैक्ट्री में काम कर रहा था, इसी दौरान वह अचानक मशीन की चपेट में आ गया। जिस से उसकी मौत हो गई। हादसे के बाद फैक्ट्री में अफरा-तफरी मच गई। घटना से नाराज फैक्ट्री के मजदूरों ने यूनियन नेताओं के साथ मिलकर 8 बजे फैक्ट्री गेट के बाहर धरना लगा दिया और फैक्ट्री प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। मजदूरों का आरोप था कि फैक्ट्री में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं हैं और वे लंबे समय से सुरक्षा उपायों की मांग कर रहे थे। पूर्वांचल समाज के प्रधान राजपूत ने बताया कि रंजीत की मौत मशीन में फंसने से हुई है। उन्होंने कहा कि प्रबंधन की लापरवाही के चलते एक मजदूर की जान चली गई।

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