नागौर के खींवसर उपखंड क्षेत्र के ग्राम लावावास में पिछले लंबे समय से चल रही अघोषित बिजली कटौती ने ग्रामीणों के सब्र का बांध तोड़ दिया है। रात के समय लगातार 9 घंटे तक बिजली कटौती से परेशान है। इसे लेकर ग्रामीणों ने गुरुवार को स्थानीय प्रशासन के विरुद्ध मोर्चा खोलते हुए तहसीलदार सुरेश खींवसर को ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों ने दो टूक चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही बिजली आपूर्ति सुचारू नहीं की गई, तो ग्रामीण उग्र आंदोलन के लिए मजबूर होंगे। छात्रों के भविष्य पर मंडराया संकट ग्रामीणों ने बताया कि गांव में प्रतिदिन शाम 10 बजे से लेकर सुबह 7 बजे तक बिजली पूरी तरह बंद कर दी जाती है। वर्तमान में स्कूली बच्चों की परीक्षाएं नजदीक हैं, ऐसे में रात भर बिजली नहीं रहने के कारण छात्र दीपक या मोमबत्ती की रोशनी में पढ़ने को मजबूर हैं। अभिभावकों का कहना है कि बिजली विभाग की इस मनमानी के कारण बच्चों का शैक्षणिक भविष्य अंधकार में जा रहा है। आम जनजीवन अस्त-व्यस्त बिजली कटौती का असर केवल पढ़ाई पर ही नहीं, बल्कि आम जनजीवन और मवेशियों पर भी पड़ रहा है। ग्रामीणों के अनुसार, रात्रि में बिजली गुल रहने से चोरी की वारदातों का भय बना रहता है और साथ ही आवश्यक घरेलू कार्य भी ठप हो जाते हैं। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि इस संबंध में पहले भी विभाग को अवगत कराया गया था, लेकिन स्थिति जस की तस बनी हुई है। प्रशासन को अल्टीमेटम तहसीलदार सुरेश खींवसर को ज्ञापन सौंपते समय ग्रामीणों ने मांग की कि बिजली कटौती का समय बदला जाए या इसे पूर्णतः बंद कर सुचारू आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। तहसीलदार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित विभाग के उच्चाधिकारियों से वार्ता कर जल्द समाधान का आश्वासन दिया है।


