नए साल के आगमन के साथ ही मारवाड़ के मौसम ने करवट बदल ली है, जिससे समूचे क्षेत्र में कड़ाके की ठंड का अहसास होने लगा है। बीते दो दिनों से डीडवाना और नागौर के आसमान में घने बादलों ने डेरा डाल रखा है, वहीं कोहरे की चादर ने जनजीवन की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया है। मौसम के बदले मिजाज के कारण लोगों की दिनचर्या पूरी तरह प्रभावित हुई है और कड़ाके की सर्दी से बचने के लिए लोग जतन करते नजर आ रहे हैं। शीतलहर ने बढ़ाई कंपकंपी और बदला सड़कों का नजारा डीडवाना-कुचामन जिले में कल देर शाम से चली बर्फीली शीतलहर ने लोगों को घरों में दुबकने पर मजबूर कर दिया। शाम ढलते ही बाजारों और मुख्य सड़कों पर सन्नाटा पसर गया। बादलों की मौजूदगी के कारण सुबह भी सर्दी का तीखा असर बरकरार रहा। अलसुबह काम पर निकलने वाले लोग भारी गर्म कपड़ों में लिपटे नजर आए। सर्दी का आलम यह रहा कि चाय की दुकानों पर खासी भीड़ देखी गई और ग्रामीण इलाकों से लेकर शहरों तक लोग जगह-जगह अलाव जलाकर ठिठुरन कम करने का प्रयास करते दिखे। हालांकि, कोहरा बहुत घना नहीं होने से यातायात पर बड़ा प्रभाव नहीं पड़ा, लेकिन बादलों ने धूप को पूरी तरह बेअसर कर दिया। रियां बड़ी में कोहरे का असर और तापमान का गणित नागौर के रियां बड़ी क्षेत्र में घने कोहरे के कारण सुबह के समय जनजीवन बुरी तरह प्रभावित रहा। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, नागौर और डीडवाना दोनों मुख्यालयों पर न्यूनतम तापमान 5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जबकि अधिकतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस पर बना हुआ है। नागौर के आसमान में भी कल शाम से बादल छाए हुए हैं, जिससे न्यूनतम तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। बादलों की ओट और ठंडी हवाओं के कारण सुबह की शुरुआत देरी से हो रही है और व्यापारिक गतिविधियों पर भी इसका असर साफ दिखाई दे रहा है। अगले 48 घंटों का पूर्वानुमान और राहत की उम्मीद मौसम विभाग ने आगामी 48 घंटों के लिए चेतावनी जारी करते हुए बताया है कि क्षेत्र में बादलों की आवाजाही बनी रहेगी और कुछ स्थानों पर मध्यम से घना कोहरा छा सकता है। हालांकि, नागौर के बाशिंदों के लिए राहत की खबर यह है कि कल न्यूनतम तापमान में 7 डिग्री की बढ़त होने की संभावना है। यदि पारा 13 डिग्री तक पहुंचता है, तो आमजन को कड़ाके की सर्दी से थोड़ी निजात मिल सकती है। फिलहाल, मौसम विभाग ने लोगों को सावधानी बरतने और ठंड से बचाव के पुख्ता इंतजाम रखने की सलाह दी है।


