नागौर रिंग रोड का सपना होगा साकार:375 करोड़ की लागत से बनेगा 16 किमी नया बायपास ; अठियासन में बनेगा नया ROB

​नागौर जिले के यातायात तंत्र को आधुनिक और सुगम बनाने की दिशा में केंद्र सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। नागौर-जोधपुर फोरलेन की सौगात के बाद अब केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्रालय ने नागौर शहर की रिंग रोड के अंतिम हिस्से को भी मंजूरी दे दी है। इस महत्वपूर्ण परियोजना के तहत बीकानेर रोड से लाडनूं रोड को जोड़ने के लिए 16 किलोमीटर लंबा नया बायपास बनाया जाएगा। लगभग 375 करोड़ रुपये की लागत से तैयार होने वाली इस सड़क के निर्माण के साथ ही नागौर शहर के चारों तरफ करीब 47 किलोमीटर लंबी रिंग रोड का सपना पूरा हो जाएगा। इस प्रोजेक्ट के तहत अजमेर रोड पर अठियासन गांव में जिले का तीसरा बड़ा फ्लाईओवर भी प्रस्तावित है, जिससे इस मार्ग पर लगने वाले ट्रैफिक जाम की पुरानी समस्या का स्थाई समाधान हो सकेगा। ​भारी वाहनों के प्रवेश पर लगेगी लगाम, समय और ईंधन की होगी बचत वर्तमान में नागौर शहर के बीच से दो प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्ग एनएच 65 और एनएच 89 गुजरते हैं। इसके चलते भारी मालवाहक वाहनों को शहर के संकरे रास्तों से होकर निकलना पड़ता है, जिससे न केवल आए दिन जाम की स्थिति बनी रहती है बल्कि सड़क हादसों का खतरा भी बना रहता है। इस 16 किलोमीटर लंबे नए बायपास के निर्माण से बीकानेर, जोधपुर और लाडनूं की तरफ जाने वाले भारी वाहन शहर के बाहर से ही अपनी मंजिल की ओर निकल सकेंगे। इससे न केवल वाहन चालकों के समय और ईंधन की बचत होगी, बल्कि शहरवासियों को भी शोर और प्रदूषण से बड़ी राहत मिलेगी। राष्ट्रीय राजमार्ग खंड के अधिशाषी अभियंता दीपक परिहार ने बताया कि इस प्रोजेक्ट की डीपीआर तैयार होने के बाद प्रशासनिक स्वीकृति जारी कर दी गई है और अब फ्लाईओवर का नक्शा तैयार किया जा रहा है। ​ औद्योगिक विकास को मिलेगी नई रफ्तार और बढ़ेगा शहर का दायरा इस नई रिंग रोड का सबसे बड़ा लाभ गोगेलाव के समीप विकसित हो रहे नए औद्योगिक क्षेत्र को मिलेगा। बायपास बनने से उद्यमियों को कच्चा माल लाने और तैयार माल भेजने के लिए भारी वाहनों को शहर में लाने की आवश्यकता नहीं होगी, जिससे परिवहन लागत में कमी आएगी। इसके साथ ही, अमरपुरा से गोगेलाव तक के इस 16 किलोमीटर के हिस्से के विकसित होने से शहर का विस्तार भी तेजी से होगा। विशेषकर बीकानेर रोड की तरफ हो रहे शहरी विकास को इस प्रोजेक्ट से नई संजीवनी मिलेगी। हालांकि, इस निर्माण के लिए किसानों की भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा, जिसकी प्रक्रिया भी जल्द ही शुरू होने की संभावना है। विभाग के अनुसार, तीन दिशाओं में बायपास पहले ही बन चुका है और अब इस चौथे हिस्से के जुड़ते ही नागौर पूरी तरह से रिंग रोड से घिरा एक व्यवस्थित शहर बन जाएगा।

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