मोगा में माननीय जिला एवं अतिरिक्त सेशन जज बिशन सरूप की अदालत ने नाबालिग को शादी का झांसा देकर भगाने और उसके साथ दुष्कर्म करने के आरोपी को कड़ी सजा सुनाई है। अदालत ने आरोपी विक्रम सिंह उर्फ विक्की को दोषी करार देते हुए 20 साल की कैद और 70 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। क्या था मामला? 7 मई 2024 को पीड़िता के पिता ने थाना समालसर में शिकायत दर्ज करवाई थी। शिकायत में बताया गया था कि उनकी बेटी अपनी मौसी के घर रहकर पढ़ाई करती थी। घटना वाले दिन वह स्कूल तो गई लेकिन वापस नहीं लौटी। काफी तलाश के बाद परिवार को शक हुआ कि गांव हरीके कलां का निवासी विक्रम सिंह उसे बहला-फुसलाकर ले गया है।
जिस पर आरोप थे की आरोपी के कहने पर पीड़िता घर से सोने के गहने भी साथ ले गई थी। पुलिस ने विक्रम सिंह के खिलाफ धारा 363, 366-ए, 376 और 6 पोक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया था।
जिसमे आज सुनवाई के चलते अदालत ने गवाहों के बयानों और तकनीकी सबूतों के आधार पर विक्की को कसूरवार माना। जुर्माना न भरने पर बढ़ेगी सजा अदालत ने स्पष्ट किया है कि यदि दोषी 70 हजार रुपये का जुर्माना भरने में असमर्थ रहता है, तो उसे 1.5 साल (18 महीने) की अतिरिक्त जेल काटनी होगी। करीब 2 साल चले इस कानूनी संघर्ष के बाद आज पीड़िता को न्याय मिला है।


