नाबालिग से रेप करने पर 20 साल की सजा:कोर्ट ने सुनाया फैसला, काम का झांसा देकर भोपाल ले गया, 10 दिन तक किया था रेप

बैतूल में नाबालिग बालिका से दुष्कर्म के मामले में विशेष न्यायालय (पॉक्सो एक्ट) बैतूल ने एक आरोपी को दोषी ठहराते हुए 20 वर्ष के सश्रम कारावास और 6 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है। अदालत ने इस अपराध को “बच्ची की अस्मिता और भरोसे के साथ किया गया क्रूर विश्वासघात” बताया। विशेष लोक अभियोजक वंदना शिवहरे ने शासन की ओर से पैरवी की। न्यायालय ने आरोपी राजेश उर्फ ढीकू (29), निवासी भाखरा, थाना दमुआ, जिला छिंदवाड़ा को दोषी पाया। उसे धारा 5(एल)/6 पॉक्सो एक्ट (समाविष्ट धारा 376(2)(एन) भादवि) के तहत 20 वर्ष सश्रम कारावास और 5 हजार रुपए जुर्माना, तथा धारा 363 IPC में 3 वर्ष सश्रम कारावास और 1 हजार रुपए जुर्माने की सजा दी गई। यह मामला 24 मई 2024 को सामने आया, जब पीड़िता की मां ने थाना रानीपुर में रिपोर्ट दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि उनकी नाबालिग बेटी 19 मई की सुबह काम पर जा रही हूं कहकर घर से निकली थी, लेकिन वापस नहीं लौटी। पुलिस ने गुमशुदगी का मामला दर्ज कर जांच शुरू की। बाद में पीड़िता को बरामद किया गया। उसने पुलिस को बताया कि मजदूरी के दौरान उसकी पहचान आरोपी राजेश से हुई थी। 19 मई को राजेश उसे बस स्टैंड पर मिला और काम पर चलने का बहाना बनाकर भोपाल ले गया। वहां से वह उसे दमुआ (छिंदवाड़ा) ले गया और लगभग 10 से 11 दिनों तक एक कमरे में रखा। इस दौरान आरोपी ने उसके साथ बार-बार दुष्कर्म किया और धमकी देकर चुप रहने पर मजबूर किया। आरोपी ने बाद में पीड़िता को पांढरा बस स्टैंड पर छोड़ दिया, जहां से वह अपने घर पहुंची और मां को पूरी घटना बताई। पुलिस ने अनुसंधान के बाद आरोपी के खिलाफ आरोपपत्र पेश किया। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने सभी साक्ष्य और गवाहों के आधार पर अपराध को संदेह से परे साबित किया। अदालत ने आरोपी को दोषी करार देते हुए कहा कि समाज में भय पैदा करने के लिए ऐसे मामलों में कठोर सजा आवश्यक है।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *