अलवर के पोक्सो कोर्ट ने नाबालिग को बंधक बनाकर रेप करने वाले आरोपी को 7 महीने बाद ही 20 साल की जेल और 15 हजार रुपए के जुर्माने से दंडित किया है। माला 8 मई 2024 का है।
मुंडावर की दो बहनें अलवर में पढ़ाई करती थी। एक बहन को किसी दूसरी साथी ने बुलाया था। उसके बाद वह वापस नहीं लौटी। गायब होने के 12 दिन बाद पुलिस ने पीड़िता को जाकिर हुसैन नाम के एक युवक के साथ उत्तर प्रदेश के बरेली से बरामद किया। न्यायालय ने दुष्कर्म व देहशोषण के मामले में 20 साल की सजा सुनाते हुए 15 हजार रुपए के आर्थिक दंड से दंडित किया है। अलवर पॉस्को न्यायालय संख्या एक के अधिवक्ता विनोद कुमार शर्मा ने बताया कि दो बहनें अलवर शहर के महिला कॉलेज में पढ़ाई कर रही थी। 8 में 2024 को दोनों बहने कॉलेज में पढ़ने के लिए गई। एक बहन को उसकी दोस्त ने बाहर बुलाया। उसके बाद वो लौट कर कमरे पर नहीं आई। दूसरी बहन ने इसकी जानकारी परिजनों को दी। परिजनों ने 9 मई को मामले की लिखित शिकायत पुलिस को दी। कोतवाली थाना पुलिस ने मामले में तुरंत एफआईआर दर्ज करते हुए पीड़िता की तलाश शुरू की। पुलिस को जानकारी मिली कि पीड़िता उत्तर प्रदेश के बरेली में है। कोतवाली पुलिस टीम बरेली पहुंची और जाकिर हुसैन नाम के युवक के साथ पीड़िता को बरामद किया। पीड़िता ने बताया कि जाकिर हुसैन ने उसके साथ दुष्कर्म किया व उसका देहशोषण किया। विरोध करने पर आरोपी पीड़िता को पीटता और उसको बंधक बना कर रखा। न्यायालय ने फैसला सुनाते हुए आरोपी को दोषी माना और 20 साल की सजा सुनाई है।


