रतलाम की विशेष अदालत ने घर में घुसकर नाबालिग बालिका को डरा-धमकाकर रेप करने वाले आरोपी को 10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने दोषी पर 1 हजार रुपए का जुर्माना लगाने के साथ ही पीड़िता को मानसिक और शारीरिक आघात के लिए 3 लाख रुपए का मुआवजा (प्रतिकर) देने का भी आदेश दिया है। यह फैसला विशेष न्यायाधीश (POCSO) राकेश कुमार शर्मा ने सुनाया। विशेष लोक अभियोजक गौतम परमार ने बताया कि घटना की रिपोर्ट 13 अप्रैल 2020 को औद्योगिक क्षेत्र थाने में दर्ज कराई गई थी। कक्षा 9वीं में पढ़ने वाली पीड़िता ने बताया कि घटना से करीब 6 महीने पहले उसकी मां अपने मामा के घर गई हुई थी। वह घर पर अकेली थी। तभी आरोपी दुल्ला (20) पिता प्रभु देवदा घर में घुस आया। उसने दरवाजा बंद कर लिया और डरा-धमकाकर रेप किया। 8 दिन बाद फिर की हैवानियत, दी जान से मारने की धमकी
पीड़िता ने बताया कि पहली घटना के करीब 8 दिन बाद जब मां खेत पर काम करने गई थी और भाई-बहन बाहर खेल रहे थे, तब दुल्ला ने दोबारा उसे डरा-धमकाकर अपनी हवस का शिकार बनाया। उसने धमकी दी कि “अगर किसी को बताया तो जान से खत्म कर दूंगा।” डर के मारे बालिका चुप रही, लेकिन बाद में उसने हिम्मत करके मां को पूरी आपबीती बताई। जघन्य अपराध माना, 3 लाख मिलेंगे
कोर्ट ने इसे जघन्य एवं सनसनीखेज श्रेणी का अपराध माना। दोषी दुल्ला को 10 साल की सजा सुनाते हुए कोर्ट ने निर्देश दिए कि शासन की ओर से पीड़िता को 3 लाख रुपए की सहायता राशि (मुआवजा) प्रदान की जाए।


