भास्कर न्यूज | नारायणपुर शांतिपूर्ण एवं समृद्ध नारायणपुर के लक्ष्य की दिशा में नक्सलमुक्त अबूझमाड़ बनाने के प्रयासों को आगे बढ़ाते हुए पुलिस ने वर्ष 2026 का दूसरा सुरक्षा एवं जन–सुविधा कैंप ग्राम वाड़ापेंदा में स्थापित किया है। माड़ बचाव अभियान के तहत थाना कोहकामेटा क्षेत्र के इस अत्यंत आंतरिक और दशकों से अलग- थलग पड़े इलाके में स्थापित नया कैंप सुरक्षा, विकास और मुख्यधारा से जुड़ाव की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। नारायणपुर पुलिस, डीआरजी, बस्तर फाइटर्स एवं बीएसएफ की 86वीं, 178वीं, 83वीं और 133वीं वाहिनी की संयुक्त टीम ने बुधवार को कैम्प स्थापित कर क्षेत्र में सुरक्षा का नया आधार प्रदान किया। यह क्षेत्र जिला मुख्यालय से 60 किमी, कोहकामेटा से 32 किमी और जटवर से 6 किमी दूर स्थित है। लंबे समय से नक्सलियों का गढ़ रहे वाड़ापेंदा और आसपास के गांव कोगाली, टहकाटोंड, परबेड़ा, रेपिंग में इस कैंप से विकास कार्यों की गति तेज होने की उम्मीद है। नए कैंप के स्थापित होने से कोहकामेटा-कच्चापाल-प रियादी एक्सिस तक सड़क और पुल–पुलिया निर्माण को सुरक्षा मिलेगी। ग्रामीणों में उत्साह बढ़ा है और पहली बार क्षेत्र में शिक्षा, स्वास्थ्य यातायात सुविधाओं के विस्तार की ठोस संभावना बनी है। कैंप खुलने से कच्चापाल- तोके-कोडनार – जटवर- वाड़ापेंदा -बाले बेड़ा मार्ग सुगम होगा, जिससे बालेबेड़ा से गरपा तक कनेक्टिविटी और आगे कच्चापाल से गरपा तक सड़क निर्माण का मार्ग प्रशस्त होगा। नारायणपुर पुलिस ने पिछले वर्षों में कुतुल, कोडलियार, पदमकोट, मन्दोड़ा सहित दर्जनों आंतरिक इलाकों में कैंप खोलकर नक्सल गतिविधियों को कमजोर किया है। वर्ष 2026 में जटवर के बाद वाड़ापेंदा में यह दूसरा नया कैंप है।


