संगीत आश्रम संस्थान की ओर से संस्थान परिसर में चल रहे उस्ताद जाकिर हुसैन को समर्पित तीन दिवसीय शास्त्रीय संगीत समारोह के दूसरे दिन नृत्यांगना नारायणी गायत्री इय्यूणी ने सुरीले गायन के बाद भरतनाट्यम नृत्य की लालित्यपूर्ण प्रस्तुति दी।
कलाकार नारायणी गायत्री इय्यूणी ने प्रारंभ में आंगिक-भंगिमाओं, मुद्राओं व नृत्याभिनय के खूबसूरत संयोजन में भरतनाट्यम नृत्य का सलोनापन दर्शाया। कलाकार नारायणी गायत्री इय्यूणी ने आदितालम, 8 मात्रा में श्रीविघ्नराजम भजे…रचना पर पुष्पांजलि की लयबद्ध प्रस्तुति दी। इसके बाद मिश्र चापु, 7 मात्रा में अलारिपु की नयनाभिराम प्रस्तुति दी। इस कलाकार ने आदिताल में निबद्ध राग किरवानी में देवस्तुति के बाद आदिताल में ही राग रेवती की भावपूर्ण रचना पर शिवस्तुति और फिर आदिताल में तिल्लाना की सुरुचिपूर्ण प्रस्तुति देकर माहौल को अपने ही रंग में रंग दिया। अंत में इस कलाकार ने खंड चापु-5 मात्रा में मंगलम की सुन्दर प्रस्तुति से अपने कार्यक्रम को विराम दिया। इससे पहले इस कलाकार ने राग तोड़ी के सुर साधे। उन्होंने सुरों के खूबसूरत लगाव और सजावट से खासा मुतास्सिर किया। साथ ही आलापचारी व लयकारी की उम्दा बानगी दर्शाकर श्रोताओं को आह्लादित कर दिया। इस कलाकार ने अपनी आंसदार खुशगूलुई आवाज में तीन ताल में निबद्ध राग तोड़ी की बंदिश अल्लाह जाने, अल्लाह जाने…की सुरीली प्रस्तुति देकर नफीस गायकी से रूबरू कराया। तबले पर जियान हुसैन व दिलशाद खान, वॉयलिन पर सुजान हुसैन, लाहिरि कलाम और राहुल कुमावत समेत हारमोनियम पर हरीश नागौरी ने प्रभावी संगत की। संचालन वीना अनुपम ने किया।


