जन्म शताब्दी वर्ष 2026 के पूर्व आयोजन की श्रृंखला में जिला स्तरीय नारी सशक्तिकरण कार्यशाला का आयोजन गायत्री शक्तिपीठ, बरोड़ा चौक, महासमुंद में किया गया। यह आयोजन नारी जागरण और उनके सर्वांगीण विकास के लिए एक प्रेरणास्रोत सिद्ध हुआ। कार्यशाला का उद्देश्य नारी शक्ति को जागृत कर सामाजिक, सांस्कृतिक व आध्यात्मिक चेतना को जन-जन तक पहुंचाना और महिलाओं को संगठित कर उन्हें स्वावलंबी बनाना है। युगऋषि पं. श्रीराम शर्मा आचार्य द्वारा चलाए गए नारी सशक्तिकरण अभियान को आगे बढ़ाते हुए वंदनीया माताजी के नेतृत्व में प्रारंभ किए गए नारी जागरण आंदोलन की प्रेरणा से इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया। मुख्य वक्ता के रूप में प्रांतीय युवा प्रकोष्ठ नारी जागरण आंदोलन की प्रमुख प्रशिक्षिका डॉ. कुंती साहू व उनके सहयोगी शांता साहू उपस्थित रहीं, जो नारी उत्थान के क्षेत्र में प्रेरणास्पद कार्य कर रही हैं। उन्होंने कार्यशाला को संबोधित करते हुए सभी बहनों को गायत्री परिवार द्वारा चलाए जा रहे सप्त आंदोलन में भागीदारी करने कहा। यज्ञ के माध्यम से सभी संस्कार कराने में पारंगत हो, इसके लिए साप्ताहिक गोष्ठी आयोजित कर स्वाध्याय व प्रशिक्षण का क्रम बनाने का संकल्प दिलाया। कार्यक्रम का संचालन खेमीन साहू व पूर्णिमा साहू ने किया। यह कार्यशाला नारी आत्मबल, नेतृत्व विकास व सामाजिक उत्तरदायित्व को जागृत करने का एक सशक्त माध्यम बनेगी। इस कार्यक्रम को सफल बनाने में महिला मंडल के बहनों का विशेष योगदान रहा। पुंसवन संस्कार हमारे आने वाली पीढ़ी को संस्कारवान बनाते हैं शांता साहू दीदी ने आने वाली पीढ़ी को किस प्रकार संस्कारवान बनाएं इसके बारे में बहुत ही विस्तार से जानकारी दी। साथ ही पुंसवन संस्कार हमारे आने वाली पीढ़ी को संस्कारवान बनाते हैं इसकी जानकारी सरल कोसरिया दीदी के द्वारा दी गई। अंत में सभी बहनों के द्वारा एक वृक्ष मां के नाम के तहत वृक्षारोपण कार्य को पूरा करने का संकल्प लिया गया। वर्षा ऋतु के बाद गृहे गृहे यज्ञ करने, बाल संस्कारशाला चलाने एवं महिलाओं को स्वावलंबी बनाने की दिशा में कार्य करने के लिए कार्य योजना बनाई गई।


