बड़वानी में अंजड़ नाके से सरस्वती नेत्रालय तक बन रहे डिवाइडर रोड और नाला निर्माण कार्य ने व्यापारियों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। मंगलवार को निर्माण कार्य की वजह से बाधित हो रहे रास्तों और व्यापार के नुकसान को लेकर क्षेत्र के व्यापारियों ने कलेक्टर जनसुनवाई में गुहार लगाई। उन्होंने मांग की है कि जब तक काम पूरा नहीं होता, तब तक वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था की जाए। व्यापार ठप होने की कगार पर, रास्ते बंद व्यापारियों के प्रतिनिधिमंडल, जिसमें होंडा शोरूम और पेट्रोल पंप संचालकों सहित पार्षद ईश्वर यादव और विधायक प्रतिनिधि विष्णु बंडे शामिल थे, ने बताया कि सड़क और नाला निर्माण के कारण ग्राहकों का उनके प्रतिष्ठानों तक पहुंचना मुश्किल हो गया है। व्यापारियों का कहना है कि रास्ता बंद होने से उनका व्यवसाय बुरी तरह प्रभावित हो रहा है, इसलिए नाले की दीवार पक्की होने तक आवागमन का कोई दूसरा रास्ता दिया जाए। नगरपालिका पर वादाखिलाफी का आरोप व्यापारियों ने आवेदन में बताया कि पहले नाले को दोनों तरफ से पक्का करने की बात कही गई थी, ताकि वे अपने खर्च पर स्लैब डालकर रास्ता बना सकें। लेकिन अब नगरपालिका केवल एक तरफ की दीवार बना रही है। व्यापारियों का आरोप है कि 2011 में इसी नाले के लिए उन्होंने ₹23 लाख की जनभागीदारी राशि जमा की थी, इसके बावजूद काम अधूरा छोड़ा जा रहा है। अब नगरपालिका का कहना है कि दूसरी तरफ की रिटेनिंग वॉल और स्लैब का खर्च व्यापारियों को खुद उठाना होगा। कलेक्टर ने दिया जांच और समाधान का भरोसा कलेक्टर ने व्यापारियों की समस्या को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित विभाग को मामले की जांच के निर्देश दिए हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि निर्माण कार्य के दौरान व्यापारियों और आम जनता को अनावश्यक परेशानी न हो, इसका पूरा ध्यान रखा जाएगा। व्यापारियों को उम्मीद है कि प्रशासन जल्द ही वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था कराएगा ताकि उनका कारोबार फिर से पटरी पर लौट सके।


