भास्कर न्यूज | जशपुरनगर जशपुर के छात्रों की आकांक्षाएं अब केवल धरती तक सीमित नहीं रह गई हैं, बल्कि अंतरिक्ष की असीम ऊंचाइयों तक पहुंच रही हैं। अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम, जशपुर के मुख्य द्वार के समीप निर्मित एक विशेष मॉडल इन दिनों शहरवासियों और बाहर से आने वाले आगंतुकों के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। यह मॉडल जशपुर के उन मेधावी छात्रों को समर्पित है, जिनके नाम आज अंतरिक्ष में अपनी पहचान दर्ज करा चुके हैं और जिनकी गूंज अब धरती से निकलकर आकाश तक पहुंच चुकी है। वनवासी कल्याण आश्रम नगर समिति के सदस्य विवेक ने जानकारी देते हुए बताया कि यह केवल एक चित्र या संरचना नहीं है, बल्कि जशपुर की उभरती प्रतिभा, मेहनत और सपनों का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि जशपुर के कई छात्रों के नाम नासा के मंगल ग्रह मिशन ‘पर्सेवरेंस रोवर’ के साथ मंगल ग्रह की सतह तक पहुंचे हैं। नासा द्वारा इन नामों को एक विशेष सूक्ष्म चिप में संग्रहित कर रोवर के साथ भेजा गया है, जो अब लाल ग्रह पर अपनी मौजूदगी दर्ज करा रहा है। विवेक ने बताया कि यह उपलब्धि जशपुर जैसे जनजातीय और दूरस्थ क्षेत्र के लिए अत्यंत गर्व की बात है। जिन बच्चों ने कभी अंतरिक्ष को केवल किताबों और चित्रों में देखा था, आज उनके नाम वास्तविक अंतरिक्ष अभियानों का हिस्सा बन चुके हैं। यह पहल न केवल छात्रों का आत्मविश्वास बढ़ाने वाली है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को विज्ञान और अंतरिक्ष अनुसंधान की ओर प्रेरित करने का कार्य भी कर रही है। 2030 में यूरोपा पर पहुंचेगा नाम विवेक ने बताया कि वर्ष 2024 में प्रक्षेपित नासा का अंतरिक्ष यान ‘यूरोपा क्लिपर’ वर्तमान में बृहस्पति की ओर अग्रसर है। यह मिशन वर्ष 2030 तक बृहस्पति के उपग्रह ‘यूरोपा’ पर पहुंचेगा, जहां जीवन की संभावनाओं की खोज की जाएगी। इस ऐतिहासिक मिशन में भी जशपुर के कई छात्रों के नाम एक विशेष सूक्ष्म चिप के माध्यम से अंतरिक्ष में भेजे गए हैं। नासा द्वारा इन छात्रों को प्रतीकात्मक रूप से एक ‘बोर्डिंग पास’ या ‘टिकट’ भी प्रदान किया गया है, जो यह दर्शाता है कि वे इस अंतरिक्ष यात्रा का हिस्सा हैं। इस प्रतीकात्मक टिकट की प्रतिकृति वनवासी कल्याण आश्रम के मुख्य द्वार पर प्रदर्शित की गई है, जिसे देखकर लोग गर्व और उत्साह से भर उठते हैं। यह दृश्य बच्चों और युवाओं में वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा देने के साथ-साथ बड़े सपने देखने की प्रेरणा भी देता है।


