निगम की बेरुखी:नए पार्षद नहीं करवा पा रहे काम, लोग नाराज

रायपुर के 70 वार्डों में अभी भी कोई भी छोटा-बड़ा काम नहीं हो पा रहा है। नए पार्षदों ने चुनाव जीतने के बाद से अब तक करीब 10 महीने में 350 करोड़ से ज्यादा के काम कराने के लिए प्रस्तावों को नगर निगम और स्मार्ट सिटी को भेजा है। लेकिन चौंकाने वाली बात यह है कि किसी भी वार्ड में अभी तक कोई बड़ा काम शुरू नहीं हो पाया है। 350 करोड़ की मांग पर पार्षदों को 10 करोड़ भी नहीं मिले हैं। फंड नहीं मिलने की वजह से वार्डों में नाले, नालियां, गार्डन, तालाबों का सौंदर्यीकरण, गलियों में कंक्रीटीकरण, सामुदायिक भवन निर्माण जैसे कोई भी काम नहीं हो पा रहे हैं। लोग नाराज होकर अपनी भड़ास नए पार्षदों पर निकाल रहे हैं। पार्षदों का कहना है कि हमने तो हर काम के लिए प्रस्ताव बनाकर निगम को भेज दिया है। लेकिन निगम वाले कोई फंड ही नहीं दे रहे हैं। इस वजह से जोन दफ्तरों से नए काम के लिए टेंडर ही जारी नहीं हो पा रहे हैं। लोग बार-बार पूछ रहे हैं कि वार्डों को संवारने का काम कब होगा। उनकी छोटी जरूरतों का भी ध्यान नहीं रखा जा रहा है। दैनिक भास्कर की पड़ताल में पता चला है कि शहर के हर वार्ड से एक-एक पार्षद ने एक से पांच करोड़ तक का प्रस्ताव दिया है। इतना ही नहीं कई प्रमुख सड़कों के लिए एक से दो करोड़ तक का भी प्रस्ताव भेजा गया है। लेकिन किसी भी प्रस्ताव को मंजूरी नहीं मिल रही है। वार्डों में विकास काम नहीं होने की वजह से पार्षद भी परेशान हैं। अफसर कहते हैं फंड आएगा तभी तो टेंडर होगा। वे लोगों को ये भी नहीं बता पा रहे हैं कि चुनाव जीतने के 10 महीने बाद भी उन्होंने लोगों के लिए क्या किया। कई पार्षद तो यह भी कह रहे हैं कि लगभग एक साल बीतने को है। इसी तरह का हाल आगे भी रहा तो वे वार्ड में भ्रमण करने लायक भी नहीं बचेंगे। निगम के अफसर हर सवाल का एक ही जवाब देते हैं इंतजार करिए फंड आते ही काम होंगे। अभी तो चार साल बाकी हैं। बायपास सड़क जर्जर
अंबेडकर अस्पताल से केके रोड जाने के लिए बायपास सड़क जर्जर हो गई है। इस सड़क से सैकड़ों लोग आना-जाना करते हैं। वार्ड के पार्षद शेख मुशीर ने सड़क मरम्मत के लिए 10 लाख का प्रस्ताव दिया, आज तक सड़क नहीं बनी। खेल मैदान नहीं बना
मोतीलाल नेहरू वार्ड के पार्षद गोपेश साहू ने वार्ड के खेल मैदान को संवारने का प्रस्ताव आठ माह पहले िदया। मैदान को विकसित और बेहतर बनाने में करीब एक करोड़ खर्च होने हैं। निगम से फंड नहीं मिला इसलिए आज तक काम शुरू नहीं हुआ। तालाब का नहीं बना रास्ता सड्डू में शीतला तालाब का सौंदर्यीकरण करने के लिए वार्ड पार्षद खेम कुमार सेन ने छह माह प्रस्ताव दिया था। यहां अंतिम संस्कार करने के लिए भी लोगों को तालाब से होकर जाना पड़ रहा है। तालाब तक पहुंचने का रास्ता तक नहीं बना। निगम को मिलने वाला है बड़ा फंड
पार्षदों से मिलने वाले जो जरूरी प्रस्ताव होते हैं, उन्हें पहले मंजूरी दी जाती है। शासन की ओर से निगम को बड़ा फंड मिलने वाला है। जो रुके काम हैं वे भी जल्द पूरे होंगे। – मीनल चौबे, महापौर क्यों नहीं किया जा रहा है तकादा
सरकार से निगम को 250 करोड़ से ज्यादा की रकम मिलना बकाया है। फंड के लिए तकादा क्यों नहीं किया जा रहा। फंड के लिए 5 दिन का उपवास रखा था। -आकाश तिवारी, नेता प्रतिपक्ष इसलिए रुके काम…
निगम अफसरों के अनुसार निगम में अधोसंरचना, विधायक निधि, संपत्ति कर और यूजर चार्ज जैसे कई मदों से काम होते हैं। राज्य सरकार से इन मदों में 200 करोड़ से ज्यादा की राशि आनी है, लेकिन फंड जारी नहीं हुआ। इसी कारण पार्षदों के प्रस्ताव अटके हैं। फिलहाल केवल पार्षद निधि के 6-6 लाख रुपए ही मिले हैं। पार्षदों का दर्द बोले- प्रस्ताव तो भेज रहे हैं, पर पैसे नहीं दे रहे, कैसे होंगे काम

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