नगर निगम के पास कोटा में खाली प्लॉट हैं जिनकी कीमत करीब सौ करोड़ रूपए है। इनमें से कई पर अतिक्रमण थे, वे हटाए गए, निगम की तरफ से नीलामी में भूखंड बेचने की कोशिश हो रही है लेकिन बिक नहीं रहे। निगम अपनी आय बढ़ाने के लिए इन भूखंडो की नीलामी कर रहा है लेकिन 19 में से मात्र चार ही भूखंड नीलामी में बिके हैं। बेशकीमती इन भूखंडों में से कुछ पर तो अतिक्रमण हो रहा है और कुछ को अतिक्रमण से मुक्त कराया गया है। इन भूखंडों से नगर निगम को करोड़ों रुपए की आय व राजस्व प्राप्त हो सकता है। लेकिन हालत यह है कि निगम प्रशासन की अनदेखी करने से लोगों ने इन पर अतिक्रमण कर लिया था। निगम के तत्कालीन आयुक्तों ने प्रयास कर कई भूखंडों से अतिक्रमण हटाए भी थे और उनकी नीलामी की तो गिनती के ही भूखंड बिके थे। अब नगर निगम की ओर से वर्तमान में जिन भूखंडों को नीलामी में लगाया गया उनमें से अधिकतर नए कोटा क्षेत्र के है। उनमें भी झालावाड़ रोड पर महावीर नगर प्रथम इलाके के रहे। जबकि सीएडी सर्किल पर प्रताप नगर में और सीएडी रोड स्थित बकरा मंडी के भूखंड बेश कीमती है। जिनसे निगम को अच्छी आय हो सकती है। निगम ने प्रताप नगर स्थित भूखंड से अतिक्रमण हटाकर चार दीवारी भी बनाई थी। निगम के शहर में जितने भूखंड हैं उनमें से वर्तमान में एक तिहाई भूखंडों को ही नीलामी लगाई गई थी। नगर निगम कोटा के उपायुक्त राजस्व धीरज सोनी ने बताया कि नगर निगम के कुल 53 भूखंड हैं। जिनकी नीलामी की जानी है। उनमें से जिनकी पत्रावली तैयार हो रही है। उनकी नीलामी की जा रही है। 53 में से हाल ही में 19 भूखंडों की नीलामी लगाई गई थी। फिलहाल 4 ही भूखंड बिके हैं। जिनसे निगम को करीब 2 करोड़ रुपए की आय हुई है।


